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Sawan Ki Shivratri Kab Hai 2025: सावन की शिवरात्रि कब है 22 या 23 जुलाई? नोट कर लें सही तारीख और मुहूर्त

Sawan Ki Shivratri Kab Hai 2025 (सावन की शिवरात्रि कब है 2025 में): सावन मास हिंदू धर्म में भगवान शिव को समर्पित सबसे पवित्र महीनों में से एक है, जो 2025 में 11 जुलाई से शुरू होकर 9 अगस्त तक चलेगा। इस महीने में पड़ने वाली सावन शिवरात्रि का विशेष महत्व है, जो भक्तों के लिए आध्यात्मिक उन्नति और मनोकामना पूर्ति का अवसर लेकर आती है। आइए जानते हैं कि 2025 में सावन शिवरात्रि कब है और इसका धार्मिक महत्व क्या है।

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Sawan Ki Shivratri Kab Hai 2025

Sawan Ki Shivratri Kab Hai 2025 (सावन की शिवरात्रि कब है 2025 में): हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन शिवरात्रि श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। 2025 में यह तिथि 23 जुलाई, बुधवार को सुबह 4:39 बजे से शुरू होगी और 24 जुलाई को सुबह 2:28 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर व्रत 23 जुलाई को रखा जाएगा। निशिता काल, जो शिव पूजा के लिए सबसे शुभ समय माना जाता है, 24 जुलाई को रात 12:07 बजे से 12:48 बजे तक रहेगा, जिसमें कुल 41 मिनट का समय होगा। व्रत का पारण 24 जुलाई को सुबह 5:38 बजे से 7:18 बजे तक किया जा सकता है।

सावन शिवरात्रि चार प्रहर पूजा समय 2025 (Sawan Shivratri Chaar Prahar Puja Time 2025)

रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय - 07:17 AM से 09:53 AM

रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय - 09:53 AM से 24 जुलाई 12:28 AM तक

रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय - 24 जुलाई 2025 को 12:28 AM से 03:03 AM

रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय - 24 जुलाई 2025 को 03:03 AM से 05:38 AM

चतुर्दशी तिथि प्रारम्भ - 23 जुलाई 2025 को 04:39 AM बजे

चतुर्दशी तिथि समाप्त - 24 जुलाई 2025 को 02:28 AM

सावन शिवरात्रि का महत्व (Sawan Shivratri Ka Mahatva)

सावन शिवरात्रि को भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन का प्रतीक माना जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार, इस दिन समुद्र मंथन के दौरान निकले विष को शिव ने पीकर संसार की रक्षा की थी और गंगाजल से उनकी पीड़ा शांत हुई थी। इसलिए इस दिन जलाभिषेक का विशेष महत्व है। मान्यता है कि सावन में शिव की पूजा करने से पापों का नाश होता है, और भक्तों को सुख, समृद्धि, और मोक्ष की प्राप्ति होती है। सावन शिवरात्रि का व्रत विशेष रूप से विवाहित महिलाओं के लिए सौभाग्य और सुख, तथा कुंवारी कन्याओं के लिए मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए फलदायी माना जाता है। लीन होकर उनके आशीर्वाद से जीवन को सुखमय बनाएं।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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