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Sawan And Adhik Maas End Date: सावन और अधिकमास कब खत्म होगा? जानिए सही डेट

Sawan And Adhik Maas Kab Khatam Hoga 2023: सावन 4 जुलाई से शुरू हुआ था और अधिकमास का आरंभ 18 जुलाई से हुआ था। सावन महीना श्रावण पूर्णिमा (Sawan Purnima 2023) पर खत्म होगा और अधिकमास अधिक अमावस्या (Adhik Amavasya 2023) तक रहेगा। जानिए सावन और अधिकमास खत्म होने की सही डेट।

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Sawan End Date 2023, Adhik Maas Kab Khatam Hoga 2023

Sawan And Adhik Maas End Date 2023: ज्योतिष अनुसार 19 सालों बाद ऐसा संयोग बना जब सावन महीने (Sawan Month 2023) के बीच में अधिकमास (Adhik Maas 2023) लगा गया। बता दें इस साल सावन महीने की शुरुआत 4 जुलाई से हुई और अधिकमास का प्रारंभ 18 जुलाई से हुआ। अभी अधिकमास ही चल रहा है। अब ऐसे में लोग इस चीज को लेकर सर्च कर रहे हैं कि मलमास (Malmas 2023) यानी अधिकमास कब खत्म होगा और सावन महीना कब तक रहेगा। अगर आप भी इस बारे में जानने के इच्छूक हैं तो बने रहिए हमारे इस आर्टिकल पर क्योंकि यहां आपको मिलेगी सावन महीना (Sawan End Date 2023) और अधिकमास खत्म होने की सही तारीख।

सावन महीना कब खत्म होगा (Sawan End Date 2023)

2023 में सावन महीना 4 जुलाई से शुरू हुआ था। इस महीने के खत्म होने से पहले ही बीच में यानी 18 जुलाई से अधिकमास लग गया। पंचांग अनुसार सावन महीना 17 अगस्त से फिर से लग जाएगा। ऐसे में इस महीने की समाप्ति 31 अगस्त को होगी।

अधिकमास कब खत्म होगा (Adhik Maas End Date 2023)

अधिकमास की बात करें तो इसकी शुरुआत इस साल 18 जुलाई से हुई और समाप्ति 16 अगस्त को अधिक अमावस्या के दिन होगी। बता दें ये महीना हर तीन साल में एक बार आता है। इससे पहले अधिकमास 2020 में पड़ा था। वहीं सावन में अधिमास पड़ने का संयोग पूरे 19 सालों बाद बना। बता दें इससे पहले 2004 में सावन महीने में मलमास पड़ा था।

अधिकमास में वर्जित कार्य

  • अधिकमास में शादी-विवाह जैसे कार्य नहीं किए जाते।
  • मुंडन संस्कार और गृह प्रवेश आदि कार्य भी इस महीने नहीं करने चाहिए।
  • इस दौरन किसी भी तरह के शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
  • इस महीने घर बनवाने से बचना चाहिए।
  • नया बिजनेस इस महीने में शुरू करने से बचें।
  • इस महीने में किसी भी तरह के गलत कार्य करने से बचें।

भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए सावन अधिकमास में करें ये उपाय

भगवान शिव की सुबह-शाम पूजा-अर्चना करें। शिवलिंग पर जल चढ़ाएं। शिव चालीसा का पाठ करें। भगवान शिव के दिव्य मंत्रों का रुद्राक्ष की माला से 108 बार जाप करें। जरूरतमंदों की सहायता करें। संभव हो तो शिव के ज्योर्तिलिंग के दर्शन के लिए जाएं।

TNN Spirituality Desk
TNN अध्यात्म डेस्क author

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