Sandhi Puja Time 2024: हिंदू धर्म में संधि पूजा का बहुत ही खास महत्व है। ये पूजा अष्टमी तिथि की समाप्ति तथा नवमी तिथि के आरम्भ होने के समय बिन्दु पर की जाती है। इस दिन चामुंडा माता ने चंड और मुंड नाम के राक्षस का वध करने के लिए अवतार लिया था। इसी समय बिंदू पर माता रानी चामुंडा अवतार धारण किया था। इस कारण ही संधि पूजा के समय मां चामुंडा की पूजा की जाती है। ये पूजा पूरे दो घंटे तक की जाती है। नवरात्रि के समय में संधि पूजा करने से सभी प्रकार के सारे कष्टों से मुक्ति मिलती है। ऐसे में आइए जानें इस साल संधि पूजा कब की जाएगी और शुभ मुहूर्त के बारे में।
Sandhi Puja 2024 Date (संधि पूजा कब है 2024)
पंचांग के अनुसार संधि पूजा अष्टमी और नवमी तिथि के मध्य में मनाई जाती है। इस साल अष्टमी तिथि की शुरुआत 10 अक्तूबर को दोपहर 12 बजकर 31 मिनट पर होगा। वहीं इस तिथि का समापन 11 अक्तूबर को दोपहर 12 बजकर 6 मिनट पर समाप्त होगा। इसके बाद नवमी तिथि शुरू हो जाएगी। ऐसे में संधि पूजा 11 अक्तूबर 2024 को मनाई जाएगी।
Sandhi Puja 2024 Shubh Muhurat (संधि पूजा शुभ मुहूर्त 2024)
संधि पूजा का समय अष्टमी तिथि के समाप्त होने से 24 मिनट पहले और नवमी तिथि के 24 मिनट बाद तक चलता है। इस साल 11 अक्तूबर को संधि पूजा का शुभ समय सुबह 11 बजकर 44 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 30 मिनट तक रहने वाला है। इस शुभ मुहूर्त में मां देवी के चामुंडा रूप की पूजा- अर्चना की जाती है। देवी मां ने चंड मुंड का संहार करने के लिए चामुंडा माता का रूप धारण किया था। ये पूजा 48 मिनट तक चलती है।
संधि पूजा का महत्व (Sandhi Puja Importance)
शास्त्रों में संधि पूजा का बहुत ही विशेष महत्व है। ये पूजा अष्टमी और नवमी तिथि के बीच में की जाती है। यह पूजा बुराई के ऊपर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में भी मनाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि संधि पूजा के समय मां की शक्ति उनकी चरम सीमा पर होती है। इस समय में मां चामुंडा की पूजा करने से शत्रुओं पर विजय प्राप्ति की जा सकती है।
