अध्यात्म

सोमवती अमावस्या से राज पंचक शुरू, अशुभ नहीं शुभ है ये पंचक, जानें वजह

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Feb 20, 2023, 01:02 PM IST

Panchak Start From Somvati Amavasya 2023: पंचक 5 प्रकार के होते हैं रोग पंचक, राज पचंक, अग्नि पंचक, मृत्यु पंचक और चोर पंचक। अमूमन पंचक समय को बुरा माना जाता है लेकिन राज पंचक को अशुभ नहीं बल्कि शुभ माना जाता है। जानिए क्या है इसकी वजह।

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पंचक के दौरान कुछ कार्य किए जा सकते हैं तो कुछ पर रोक होती है

वैदिक ज्योतिष अनुसार पंचक 5 दिनों की वो अवधि होती है जब चंद्रमा धनिष्ठा नक्षत्र के तीसरे चरण में प्रवेश करता है और इसके बाद शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्र में गोचर करता है। इसे ही पंचक कहा जाता है। सरल शब्दों में समझें तो जब चंद्रमा कुंभ से मीन राशि में गोचर करता है तो ये समय पंचक कहलाता है। 20 फरवरी से पंचक लग चुका है। जानिए इस दौरान क्या न करें।

20 फरवरी 2023 से शुरू हुआ राज पंचक

20 फरवरी से राज पंचक शुरू लग गया है। इस पंचक को अशुभ नहीं माना जाता है। इसलिए इस दौरान शुभ कार्यों को करने की मनाही नहीं होती है। ये समय व्यापार के लिए अच्छा होता है।

पंचक के दौरान क्या करें और क्या न करें?

पंचक के दौरान कुछ विशेष कार्यों को कर सकते हैं जबकि कुछ खास कार्यों को करने की मनाही होती है जानिए इस दौरान क्या करें और क्या न करें।

क्या करें?

गृह प्रवेश समारोह, भाई दूज और रक्षाबंधन का पर्व पंचक के दौरान मनाया जा सकता है।

क्या न करें?

-पंचक का समय विवाह, मुंडन और नामकरण संस्कार के लिए अच्छा नहीं माना जाता है।

-पंचक काल में व्यापार के लिए पैसे उधार लेने या फिर देने से बचना चाहिए। लेकिन अगर ऐसा करना जरूरी हो तो कार्य शुरू करने से पहले माता लक्ष्मी की पूजा करें।

-यदि पंचक के दौरान किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो परिवार के अन्य सदस्यों की रक्षा के लिए दाह संस्कार के समय आटे, बेसन और कुश (घास) से 5 पुतले बनाकर मृतक व्यक्ति के साथ उन पुतलों का भी अंतिम संस्कार कर देना चाहिए।

-पंचक के दौरान शनिवार के दिन दक्षिण दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। लेकिन अगर यात्रा जरूरी है तो शनिवार के ही दिन सर्वप्रथम हनुमान जी की पूजा करें। उन्हें प्रसाद के रूप में फलों का भोग लगाएं और इसके बाद ही अपनी यात्रा की शुरू करें।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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