Share Market Today Nifty Sensex : भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार, 8 सितंबर को कमजोर शुरुआत के बाद दबाव बनाए रखा है। शुरुआती कारोबार में Nifty करीब 100 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ 23,668 तक फिसल गया। इसी तरह Sensex करीब 400 अंक टूटकर 75,714 तक लुढ़क गया।
कमजोर हुई ब्रेड्थ
बाजार में बिकवाली का दबाव व्यापक है। शुरुआती आंकड़ों के हिसाब से बाजार में गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़त वाले शेयरों से ज्यादा है। NSE पर 3,130 स्टॉक्स में ट्रेडिंग हो रही है। इनमें से 1,397 बढ़त में हैं, जबकि 1,640 में बिकवाली हावी है।
कौन से सेक्टर दबाव में?
सेक्टोरल तस्वीर में IT और Realty सबसे कमजोर नजर आए। Nifty IT करीब 0.74% नीचे है। जबकि, Nifty Realty में 1.17% की गिरावट दिखी। Auto, Private Bank, Consumer Durables और Financial Services जैसे सेक्टर भी लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। इसके उलट Nifty Metal करीब 0.39% चढ़ा और चुनिंदा Healthcare तथा Chemicals इंडेक्स में भी मजबूती रही। खास तौर पर Realty में कमजोरी बाजार के लिए संकेत देने वाली है, क्योंकि यह सेक्टर शुरुआती कारोबार में प्रमुख गिरावट वाले सेक्टरों में रहा। वहीं IT में दबाव ने बाजार के बड़े इंडेक्स पर भी असर डाला।
ग्लोबल मार्केट्स ने दिए कमजोरी के संकेत
भारतीय बाजार को ग्लोबल संकेतों से भी खास मदद नहीं मिल रही है अमेरिकी मार्केट के फ्यूचर्स में भी Dow Jones Futures करीब 0.60% और S&P 500 करीब 0.38% नीचे थे, जबकि Nasdaq Futures में करीब 0.29% की गिरावट थी। हालांकि, एशियाई बाजारों में तस्वीर पूरी तरह नकारात्मक नहीं रही। Nikkei करीब 0.31%, KOSPI करीब 2.49% और Shanghai Composite करीब 0.36% ऊपर था, जबकि Hang Seng करीब 0.38% नीचे कारोबार कर रहा था।
Crude और रुपये पर भी नजर
कमोडिटी मार्केट में Brent Crude करीब 0.32% बढ़कर 97.48 डॉलर प्रति बैरल और Crude Oil CFD करीब 0.45% ऊपर 92.95 डॉलर पर था। तेल की ऊंची कीमतें भारतीय बाजार के लिए लागत और महंगाई के लिहाज से चिंता बढ़ा सकती हैं। दूसरी ओर डॉलर के मुकाबले रुपया 94.655 पर था, यानी पिछली क्लोजिंग 94.50 से करीब 0.16% कमजोर।
क्या है बाजार के लुढ़कने की सबसे बड़ी वजह?
बाजार के जानकारों का मानना है कि फिलहाल भारतीय बाजार में गिरावट के पीछे एक साथ कई फैक्टर काम कर रहे हैं। इनमें सबसे बड़ा फैक्टर एनर्जी प्राइस का है। क्रूड के दाम बढ़ने से भारतीय कंपनियों की कमाई से लेकर महंगाई तक कई मोर्चेां पर झटका लगता है। क्रूड का भाव करीब 6 स्प्ताह के शीर्ष पर पहुंच गया है। इसकी वजह से भारतीय बाजार पर दबाव बढ़ रहा है।
