100 ग्राम सूखे काबुली चने में लगभग 19 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। हालांकि, पकाने के बाद पानी सोखने से उसका वजन बढ़ जाता है, इसलिए 100 ग्राम पके हुए चने में प्रोटीन की मात्रा लगभग 8-9 ग्राम के आसपास हो सकती है।
काबुली चना खासकर उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है जो अपनी डाइट में पौधों से मिलने वाला प्रोटीन बढ़ाना चाहते हैं। इसमें प्रोटीन के साथ फाइबर भी मिलता है।
चना केवल प्रोटीन के लिए ही नहीं जाना जाता। इसमें फाइबर, कार्बोहाइड्रेट, फोलेट, आयरन, मैग्नीशियम और पोटैशियम जैसे कई पोषक तत्व भी पाए जाते हैं। इसलिए संतुलित भोजन में इसकी अच्छी जगह बन सकती है।
सूखे चने को पकाने से पहले कई घंटे पानी में भिगोया जाता है। इससे चना नरम होता है और पकाना आसान हो जाता है। अच्छी तरह पकाकर खाने से इसे पचाना भी कुछ लोगों के लिए आसान हो सकता है।
काबुली चने में प्रोटीन और फाइबर दोनों होते हैं, इसलिए इन्हें खाने के बाद पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस हो सकता है। हालांकि वजन घटाने के लिए केवल किसी एक खाद्य पदार्थ पर निर्भर रहना सही तरीका नहीं है।
काबुली चने को चना चाट, सलाद, सब्जी, हुमस या उबले चने के रूप में खाया जा सकता है। इसे सब्जियों और साबुत अनाज के साथ मिलाकर खाने से भोजन ज्यादा संतुलित बनाया जा सकता है।
प्रोटीन की जरूरत हर व्यक्ति की उम्र, शरीर, फिजिकल एक्टिविटी और हेल्थ के अनुसार अलग होती है। इसलिए केवल 100 ग्राम चने से मिलने वाले प्रोटीन को देखकर पूरी दैनिक जरूरत तय नहीं करनी चाहिए। अलग-अलग स्रोतों से संतुलित मात्रा में प्रोटीन लेना बेहतर है।