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दोस्त रूस ने भारत से मांगा और पेट्रोल, ऑइल रिफाइनरी पर यूक्रेन के हमले से तेल संकट गहराया, 40 फीसदी कमी

पिछले कुछ समय में यूक्रेन ने रूस के भीतर मौजूद कई प्रमुख तेल रिफाइनरियों (Oil Refineries) को ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाया है। सूत्रों के मुताबिक, इन हमलों के कारण रूस की लगभग 40 फीसदी रिफाइनिंग क्षमता प्रभावित हुई है।

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रूस में तेल संकट जारी

Photo : AP

Russia seeks more petrol from India- रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच वैश्विक तेल बाजार से एक बड़ी खबर आ रही है। यूक्रेनी ड्रोन हमलों से पस्त होने के बाद अब रूस ने भारत से अतिरिक्त पेट्रोल (Petrol) की मांग की है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, दोनों देशों के ऊर्जा संबंधों में यह एक बड़ा और दुर्लभ बदलाव है, क्योंकि अब तक भारत बड़े पैमाने पर रूस से कच्चा तेल (Crude Oil) खरीद रहा था, लेकिन अब खुद रूस को भारत से रिफाइंड पेट्रोल की जरूरत पड़ रही है।

रिफाइनरियों पर हमले से रूस में तेल संकट

पिछले कुछ समय में यूक्रेन ने रूस के भीतर मौजूद कई प्रमुख तेल रिफाइनरियों (Oil Refineries) को ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाया है। सूत्रों के मुताबिक, इन हमलों के कारण रूस की लगभग 40 फीसदी रिफाइनिंग क्षमता प्रभावित हुई है। अगर आगे कोई और हमला नहीं होता है, तब भी इन रिफाइनरियों को पूरी तरह ठीक होने में कम से कम दो महीने का समय लगेगा। इस भारी नुकसान की वजह से रूस को हाल के वर्षों के सबसे गंभीर पेट्रोल संकट का सामना करना पड़ रहा है।

भारत से मांगी मदद

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, रूस की दिग्गज ऊर्जा कंपनियों—रॉस्नेफ्ट (Rosneft), गजप्रोम नेफ्ट (Gazprom Neft) और लुकोइल (Lukoil)— भारत की सरकारी और निजी दोनों तरह की तेल रिफाइनरियों से संपर्क साधा है। अगर दोनों देशों के बीच यह डील पक्की होती है, तो यह सप्लाई सीधे न होकर अंतरराष्ट्रीय व्यापारियों (International Traders) के जरिए रूट की जाएगी।

सप्लाई की स्थिति: भारतीय सरकारी रिफाइनरियों (जैसे IOC, BPCL, HPCL) के कुछ सूत्रों का कहना है कि उन्हें अनुरोध तो मिले हैं, लेकिन फिलहाल उनके पास निर्यात करने के लिए अतिरिक्त पेट्रोल उपलब्ध नहीं है। हालांकि, एक सूत्र ने दावा किया है कि भारतीय पेट्रोल की कम से कम एक खेप पहले ही रूस के लिए रवाना हो चुकी है।

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी का रुख

इस महीने की शुरुआत में पेट्रोलियम मंत्री ने स्पष्ट किया था कि भारतीय कंपनियां सीधे रूस को ईंधन की आपूर्ति नहीं कर रही हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि रूसी खरीदार अंतरराष्ट्रीय व्यापारियों के माध्यम से भारतीय मूल का ईंधन प्राप्त कर सकते हैं।

आगे डीजल पर भी मंडरा सकता है खतरा

जानकारों का मानना है कि फिलहाल रूस का पूरा ध्यान पेट्रोल (Gasoline) सुरक्षित करने पर है। लेकिन अगर यूक्रेन के हमले इसी तरह जारी रहे और रूस की रिफाइनरियों को और नुकसान पहुंचा, तो आने वाले दिनों में रूस को डीजल की कमी का भी सामना करना पड़ सकता है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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