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Navratri Akhand Jyoti Niyam: नवरात्रि में क्यों लगाते हैं अखंड ज्योत, जानें क्या है इसके नियम

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  • Updated Mar 22, 2023, 06:16 PM IST

Navratri me Akhand Jyoti Jalane ke Niyam in Hindi : नवरात्रि नौ दिन का त्योहार है इन नौ दिनों में अखंड ज्योति जलाने का प्रावधान है। मान्‍यता अनुसार अखंंड ज्‍योति जलाने से हर मनोकामना पूरी होती है । अखंंड ज्‍योति लगाने के नियम व व‍िधि‍ अलग होती है साथ ही जिस घर में अखंंड ज्‍योति जलती है उस घर को खाली नहीे छोड़ना चाहिए । जानें क्‍या हैं पूरे नियम ।

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Navratri Akhand Jyoti ke Niyam

Navratri Akhand Jyoti Niyam in Hindi : हिंदू धर्म में नवरात्रि के दिन दुर्गा मां के नौ रूपों को समर्पित होते हैं। नवरात्रि पर नौ दिनों तक विधि विधान से देवी मां की पूजा की जाती है , भक्त नौ दिन तक व्रत रखते हैं,जगह जगह माता का जागरण , कीर्तन होता है। भारत के विभिन्न हिस्सों में यह त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है। वहीं नवरात्रि पर अखंड ज्योति लगाने की मान्यता हैं। लोग नौ दिनों तक दुर्गा मां के सामने अखंड ज्योत लगाते हैं । अखंड ज्योति लगाने के पीछे कई मान्यता हैं । यह भक्ति का प्रतीक है इससे मां देवी प्रसन्न होती है और आपकी सारी इच्छा पूरी करती है ।लेकिन, अखंड ज्योति लगाने के कुछ नियम हैं जिनका पालन करना चाहिए नहीं तो आपको शुभ फल नहीं मिलता । आइए जानते हैं अखंड ज्योति लगाने के नियम ।

नवरात्रि में अखंड ज्योति :

हिंदू धर्म में हर शुभ कार्य से पहले ज्योति और दीपक जलाना शुभ माना जात है। हर पूजा में दीपक जलाया जाता है। वैसे ही नवरात्रि नौ दिन का त्योहार है इन नौ दिनों में अखंड ज्योति जलाने का प्रावधान है। नवरात्रि में कलश स्थापना की जाती है और मात की चौकी लगाई जाती है साथ ही अखंड ज्योत जलती है जो लगातार दिन रात तक चलती रहती है और बीच में कभी नहीं बंद होती। मान्यता है कि अखंड ज्योति जलाकर कोई भी मनोकामना मांगी जाए वह जरूर पूरी होती है।

अखंड ज्योति जलाने की विधि :

1.ज्योति को पीतल के पात्र में लगाएं ,अगर आपके पास पीतल की ज्योत नहीं है तो मिट्टी के दीपपात्र का इस्तेमाल कर सकते हैं।

2.माता की चौकी लगाएं और कलश स्थापना करें , अब अष्टदल बनाकर इसपर ज्योति रखें ।

3. रक्षा सूत्र यानी मौली से बाती बनाएं और दीपक के बीच में लगा दें।

4. अखंड ज्योति में शुद्ध गाय के देसी घी का इस्तेमाल करें ,अगर आपके पास घी नहीं है तो सरसों के तेल से भी ज्योति लगा सकते हैं।

5. ज्योति को माता के दाई और रखें और हवा से बचने के लिए कांच के कर या चिमनी से ढक दें।

6. अब देवी दुर्गा और भगवान गणेश का ध्यान करें ,मन में संकल्प लें और ज्योति जला दें।

7. नौ दिनों तक इसको नियमित रखें और बुझने न दें।

8. नवरात्रि के अंत में इसे हाथ से या फूंक मारकर न बुझाए ,इसे अपने आप बुझने दें।

अखंड ज्योति के नियम :

1.जिस घर में नवरात्रि के समय अखंड ज्योति जलाई जाती है उसे घर को खाली नहीं छोड़ना चाहिए।

2.ज्योत में शुद्ध घी का इस्तेमाल करना चाहिए।

3.ज्योति को कभी बुझने न दें।

4. बार बार बाती नहीं बदलनी चाहिए पहले ही लंबी बाती बना लें।

5. ज्योति को हवा से बचाकर रखें ,अगर अखंड ज्योति भुज जाती है तो यह अशुभ संकेत होता है।

अखंड ज्योति जलाने के लाभ :

नवरात्रि में अखंड ज्योति लगाने से देवी मां की विशेष कृपा मिलती है । इससे घर में सुख समृद्धि आती है । ज्योति जितनी ज्यादा सुनहरी जलती है उतनी घर में बरकत होती है। मान्यता है कि अखंड ज्योति जलाकर कोई भी मनोकामना। मांगी जाएं तो शीघ्र पूरी होती है।

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