लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को मध्य प्रदेश के इंदौर में छात्रों की समस्याओं और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों पर छात्रों की गूंज कार्यक्रम में बात की थी। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर भी निशाना साधा था।
अब इसी को लेकर राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा: "सरकार के पास दिया जलाने के लिए पैसा है - हमारे हॉस्टल के लिए क्यों नहीं? यह सवाल कल इंदौर में एक छात्रा ने मुझसे पूछा। गांव से पढ़ने शहर आई। हॉस्टल है नहीं, तो PG में रहना पड़ता है। सिर्फ सुरक्षित रहने में लाखों खर्च हो जाते हैं। हर महीने किराए की चिंता, और बेघर होने का डर - इसी में पढ़ाई करनी पड़ती है। कई लड़कियां इसी वजह से पढ़ाई छोड़ देती हैं। सिर्फ इसलिए कि रहने की जगह नहीं है और आवास भत्ता? महंगाई के साथ बढ़ता नहीं, ऊपर से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है।”
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पीएम मोदी से राहुल गांधी ने मांगा जवाब
अब कांग्रेस नेता ने पीएम मोदी को टैग करते हुए पूछा कि प्रधानमंत्री जी उस बच्ची के सवाल का कोई जवाब है आपके पास? कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने बताया कि यह अभियान देश के अलग-अलग हिस्सों में चलाया जा रहा है। इससे पहले कोटा, देहरादून और पुणे जैसे शहरों में युवाओं से संवाद किया जा चुका है और अब इंदौर में यह आयोजन हुआ है। उन्होंने कहा कि हर शहर में छात्रों के सामने एक जैसी समस्याएं खड़ी हैं। आज का युवा पेपर लीक, व्यवस्था की विफलता, शिक्षा का व्यवसायीकरण और अंधाधुंध निजीकरण जैसे गंभीर संकटों से जूझ रहा है।
राहुल गांधी ने 'सिस्टम बनाम स्टूडेंट' का उठाया मुद्दा
राहुल गांधी ने 'सिस्टम बनाम स्टूडेंट' का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आज का प्रशासनिक और राजनीतिक ढांचा युवाओं की प्रतिभा को निखारने के बजाय उन्हें दबाने का काम कर रहा है। उन्होंने देश के निर्माण में छात्रों की भूमिका को सबसे अहम बताया। राहुल गांधी के अनुसार, छात्रों की सबसे बड़ी ताकत उनकी जिज्ञासा, सवाल पूछने का निडर स्वभाव, ईमानदारी, सहनशीलता और आपसी प्रेम है। युवा नफरत की राजनीति में यकीन नहीं रखते, बल्कि मोहब्बत और भाईचारे के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं। इन्हीं मानवीय मूल्यों और सोच के बल पर किसी भी देश की मजबूत नींव रखी जाती है।
हाल ही में दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने बेहद कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि आज देश पर एक ऐसा सिस्टम हावी हो चुका है, जिसे कुछ चुनिंदा प्रभावशाली लोग चला रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सत्ता में बैठे शीर्ष नेता और उनके करीबी सहयोगी इस व्यवस्था का इस्तेमाल आम छात्रों और युवाओं की आवाज को दबाने के लिए कर रहे हैं, जिससे देश के भविष्य पर बुरा असर पड़ रहा है।
