Navratri 2024 Mata Mantra In Sanskrit (माता के मंत्र): सनातन धर्म में मंत्रों के जाप का विशेष महत्व माना जाता है। इसलिए हर देवी-देवता को प्रसन्न करने के लिए उनके मंत्रों का जाप जरूर किया जाता है। 9 अप्रैल से चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व शुरू हो रहा है। ऐसे में अगर आप माता रानी की विशेष कृपा पाना चाते हैं तो उनके खास मंत्रों का जाप जरूर करें। मान्यता है इन मंत्रों का जाप करने से जीवन के सारे दुख दूर हो जाते हैं। यहां देखें नवरात्रि स्पेशल माता रानी के मंत्र (Mata Rani Ke Mantra)
Read here for Chaitra Navratri 2024 Day 1 Puja Vidhi , Mantra
माता के मंत्र (Om Sarva Mangala Mangalye Mantra)
सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते।।

Mata Ke Mantra
ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी।
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।।

Navratri Mantra
या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता (Ya Devi Sarva Bhuteshu In Hindi)
या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मीरूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
या देवी सर्वभूतेषु तुष्टिरूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
या देवी सर्वभूतेषु दयारूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
या देवी सर्वभूतेषु शांतिरूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
माता रानी बीज मंत्र (Mata Rani Beej Mantra)
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै
नवरात्रि पर इन मन्त्रों से होगा आपकी हर समस्या का समाधान
कार्यों में सफलता के लिए- 'ॐ हुं फट्'
दरिद्रता दूर करने के लिए- ‘ॐ श्रीं श्रियै नम:’
रोग से मुक्ति के लिए- ‘ॐ परात्मन परब्रह्म मम् शरीरं, पाहि-पाहि कुरु-कुरु स्वाहा’
भय के नाश के लिए- ‘ॐ हं हनुमते नम:’
अपनी और परिवार की रक्षा के लिए- ह्रीं ह्रीं ह्रीं’
माता लक्ष्मी की कृपा के लिए- ‘ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नम:’
बौद्धिक शक्ति बढ़ाने हेतु- ‘ॐ गं गणपतये नम:’ मंत्र की 5 व ‘ॐ ऐं ह्रीं श्रीं सरस्वत्यै नम:’ मंत्र की 21 माला का जप करें।
मंत्रों का जाप कैसे करें
किसी भी मंत्र का जाप करने के लिए सच्ची श्रद्धा होनी जरूरी है। आप अपनी इच्छानुसार कम से कम 11 या इससे ज्यादा बार भी मंत्र का जाप कर सकते हैं।
