अध्यात्म

Mata Ki Aarti: माता रानी की आरती, अंबे तू है जगदम्बे काली...पढ़ें पूरे लिरिक्स

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Apr 9, 2024, 06:19 PM IST

Navratri 2024 Mata Rani Ki Aarti Lyrics In Hindi: नवरात्रि पर्व माता रानी को समर्पित है। इन नौ दिनों में माता की विधि विधान पूजा की जाती है और इस पूजा के समय माता की आरती भी जरूर की जाती है। यहां देखें माता रानी की आरती के लिरिक्स।

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Mata Ki Aarti

Mata Rani Ki Aarti (माता रानी की आरती): मां दुर्गा को माता रानी के नाम से भी जाना जाता है। नवरात्रि पर्व में इन्हीं की पूजा की जाती है। पूजा के समय माता के मंत्रों के साथ-साथ उनकी आरती का गान भी जरूर किया जाता है। कहते हैं माता रानी की आरती करने से सुख और वैभव की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है। माता रानी अपने भक्तों की हर मुराद पूरी करती हैं। यहां देखें माता रानी की आरती के लिरिक्स।

माता की आरती (Mata Ki Aarti)

अम्बे तू है जगदम्बे काली,जय दुर्गे खप्पर वाली,

तेरे ही गुण गावें भारती,ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती।

ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥

तेरे भक्त जनो पर माताभीर पड़ी है भारी।

दानव दल पर टूट पड़ो माँकरके सिंह सवारी॥

सौ-सौ सिहों से बलशाली,है अष्ट भुजाओं वाली,

दुष्टों को तू ही ललकारती।

ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥

माँ-बेटे का है इस जग मेंबड़ा ही निर्मल नाता।

पूत-कपूत सुने हैपर ना माता सुनी कुमाता॥

सब पे करूणा दर्शाने वाली,अमृत बरसाने वाली,

दुखियों के दुखड़े निवारती।

ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥

नहीं मांगते धन और दौलत,न चांदी न सोना।

हम तो मांगें तेरे चरणों मेंछोटा सा कोना॥

सबकी बिगड़ी बनाने वाली,लाज बचाने वाली,

सतियों के सत को संवारती।

ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥

चरण शरण में खड़े तुम्हारी,ले पूजा की थाली।

वरद हस्त सर पर रख दो माँसंकट हरने वाली॥

माँ भर दो भक्ति रस प्याली,अष्ट भुजाओं वाली,

भक्तों के कारज तू ही सारती।

ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥

Mata Rani Aarti

Mata Rani Aarti

माता रानी की आरती कैसे करें

माता रानी की आरती से पहले स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण कर लें। इसके बाद घर के मंदिर में माता की प्रतिमा के समक्ष घी का दीपक जलाएं। इसके बाद सच्चे मन से आरती गानी चाहिए। आरती के बाद माता को लगाया गया भोग सभी में बांट दें।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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