अध्यात्म

Navratri 2023 Day 4 Maa Kushmanda Puja Vidhi: चौथे दिन मां कूष्मांडा की होती है पूजा, ये है मंत्र, विधि, आरती और कथा

  • Authored by: कुलदीप राघव
  • Updated Mar 25, 2023, 06:38 AM IST

Navratri 2023 Day 4 Maa Kushmanda Puja Vidhi, Mantra, Aarti: पुराणों के मुताबिक मां कूष्मांडा ने अपने उदर से ही इस ब्रह्मांड को उत्पन्न किया है। नवरात्रि में चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है।

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Navratri 2023 Day 4 Maa Kushmanda Puja Vidhi: चौथे दिन मां कूष्मांडा की होती है पूजा, ये है मंत्र, विधि, आरती और कथा

Navratri 2023 Day 4 Maa Kushmanda Puja Vidhi and Mantra: आज चैत्र नवरात्रि का चौथा दिन है। इस दिन मां कूष्मांडा की पूजा होती है। मां कूष्‍मांडा को अष्‍टभुजाओं वाली देवी भी कहा जाता है। संस्कृत में कूष्मांडा का अर्थ कुम्हड़ा होता है। इसका मतलब बीज से होता है, जिनसे नए जीवन का सृजन होता है। ऐसे ही मां कूष्मांडा की महिमा है। इस वजह से ही उनकी पूजा में कुम्हड़े की बलि देने की परंपरा है। कहा जाता है कि मां कूष्मांडा में समस्त सृष्टि का सृजन करने की शक्ति समाहित है।

पुराणों के मुताबिक मां कूष्मांडा ने अपने उदर से ही इस ब्रह्मांड को उत्पन्न किया है। इस वजह से भी मां के इस स्वरूप को कूष्मांडा देवी के नाम से जाना जाता है। मां कूष्मांडा की भुजाओं में बाण, चक्र, गदा, अमृत कलश, कमल और कमंडल सजे हैं। मां कूष्‍मांडा की सवारी सिंह है।

मां कूष्मांडा की कथा (Maa Kushmanda Vrat Katha):

पौराणिक कथा के अनुसार, जब चारों ओर घनघोर अंधेरा था, तब मां कूष्मांडा ने अपनी हंसी से इस ब्रह्मांड की रचना की थी। तभी से उनका नाम कूष्मांडा पड़ा। उन्हें आदिशक्ति भी कहा गया है। कूष्मांडा माता के अंदर इतना तेज है कि वो सूर्यमंडल के अंदर निवास कर सकती हैं। कहते हैं इस सृष्टि में जो भी प्रकावान या तेजवान है, वो सभी माता कूष्मांडा के तेज से ही आलोकित हैं।

कूष्मांडा माता की पूजा विधि (Kushmanda Mata ki Puja Vidhi):

नवरात्रि के चौथे दिन सुबह स्नान आदि के बाद माता कूष्मांडा की पूजा करें। फूल, भोग आदि के साथ मां कूष्मांडा देवी का ध्यान दें। पूजा में मां को लाल रंग का पुष्‍प, गुड़हल, या फिर गुलाब अर्पित करें। वहीं, सिंदूर, धूप, दीप और नैवेद्य चढ़ाएं। इसके साथ ही मन में मंत्र का जाप करें।

कूष्माण्डा माता की पूजा मंत्र (Kushmanda Mata Puja Mantra):

या देवी सर्वभू‍तेषु माँ कूष्माण्डा रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

मां कूष्मांडा की आरती (Maa Kushmanda Ki Aarti):

कूष्मांडा जय जग सुखदानी।मुझ पर दया करो महारानी॥

पिगंला ज्वालामुखी निराली।शाकंबरी मां भोली भाली॥ कूष्मांडा जय…

लाखों नाम निराले तेरे।भक्त कई मतवाले तेरे॥

भीमा पर्वत पर है डेरा।स्वीकारो प्रणाम ये मेरा॥ कूष्मांडा जय…

सबकी सुनती हो जगदम्बे।सुख पहुंचती हो मां अम्बे॥

तेरे दर्शन का मैं प्यासा।पूर्ण कर दो मेरी आशा॥ कूष्मांडा जय…

मां के मन में ममता भारी।क्यों ना सुनेगी अरज हमारी॥

तेरे दर पर किया है डेरा।दूर करो मां संकट मेरा॥ कूष्मांडा जय…

मेरे कारज पूरे कर दो।मेरे तुम भंडारे भर दो॥

तेरा दास तुझे ही ध्याए।भक्त तेरे दर शीश झुकाए॥ कूष्मांडा जय…

कूष्मांडा माता की पूजा का महत्व:

कहा जाता है कि यदि कोई लंबे समय से बीमार है, तो मां कूष्मांडा की विधि-विधान से की गई पूजा उस व्यक्ति को अच्छी सेहत प्रदान करती है। वहीं, नि:संतान पर भी मां का आशीर्वाद होता है।

कुलदीप राघव
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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