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Navratri 2022 5th Day Maa Skandmata Puja Vidhi: मां स्कंदमाता की पूजा विधि, आरती और मंत्र

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  • Updated Sep 30, 2022, 09:07 AM IST

Navratri 2022 5th Day Maa Skandmata Puja Vidhi, Mantra, Aarti: धार्मिक मान्यता के अनुसार, माँ स्कंदमाता की उपासना करने वाले लोगों का आत्मविश्वास या मनोबल बढ़ता है। इसके अलावा संतान सुख की प्राप्ति के योग भी बनते हैं।

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Navratri 2022 5th Day Maa Skandmata Puja Vidhi: मां स्कंदमाता की पूजा विधि, आरती और मंत्र

KEY HIGHLIGHTS
  • माँ स्कंदमाता की 4 भुजाएं होती हैं।
  • इनकी गोद में बालक स्कन्द अर्थात कार्तिकेय विराजमान होते हैं।
  • मल के फूल पर आसन होने के कारण इन्हें पद्मासना भी कहा जाता है।

Navratri 2022 5th Day Maa Skandmata Puja Vidhi and Mantra: नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा होती है। शेर पर सवारी करने वाली माँ स्कंदमाता की 4 भुजाएं होती हैं। इनकी गोद में बालक स्कन्द अर्थात कार्तिकेय विराजमान होते हैं। कमल के फूल पर आसन होने के कारण इन्हें पद्मासना भी कहा जाता है। मान्यता है इनकी सच्चे मन से पूजा करने से ज्ञान बढ़ता है। मां का स्मरण करने से कार्यों में सफलता प्राप्त होती है। जानिए इनकी पूजा विधि विस्तार से।

पूजा विधि:

-सुबह जल्दी उठ जाएं। माँ स्कंदमाता की मूर्ति, फोटो या प्रतिमा को गंगा जल से पवित्र करें।

-माता को कुमकुम, अक्षत, फूल, फल अर्पित करें।

-मिठाई का भोग लगाएं।

-माता की प्रतिमा के समक्ष घी का दीपक जलाएं।

-माता की आरती करें।

-स्कंदमाता की कथा पढ़ें।

-माँ स्कंदमाता के मंत्रों का जाप करें।

स्कंदमाता बीज मंत्र:

या देवी सर्वभू‍तेषु मां स्कन्दमाता रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

स्कंदमाता के मंत्र:

-ॐ स्कंदमात्रै नमः

-ॐ देवी स्कन्दमातायै नमः

-रदव्यसिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया।

शुभदास्तु सदा देवी स्कंदमाता यशस्विनी॥

-महाबले महोत्साहे महाभय विनाशिनी।

त्राहिमाम स्कन्दमाते शत्रुनाम भयवर्धिनि।

मां स्कंदमाता की आरती

जय तेरी हो स्कंद माता।

पांचवां नाम तुम्हारा आता॥

सबके मन की जानन हारी।

जग जननी सबकी महतारी॥

तेरी जोत जलाता रहू मैं।

हरदम तुझे ध्याता रहू मै॥

मुझे एक है तेरा सहारा॥

कही पहाडो पर है डेरा।

कई शहरों में तेरा बसेरा॥

हर मंदिर में तेरे नजारे।

गुण गाए तेरे भक्त प्यारे॥

शक्ति मेरी बिगड़ी बना दो॥

इंद्र आदि देवता मिल सारे।

करे पुकार तुम्हारे द्वारे॥

दुष्ट दैत्य जब चढ़ कर आए।

तू ही खंडा हाथ उठाए॥

दासों को सदा बचाने आयी।

भक्त की आस पुजाने आयी॥

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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