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Nag Panchami Aarti Lyrics: 'श्रीनागदेव आरती पंचमी की कीजै...' नाग पंचमी पर जरूर करें नाग देवता की आरती, देखें आरती लिरिक्स हिंदी में

Nag Panchami Aarti Lyrics in Hindi, Nag Devta Ki Aarti: नाग पंचमी के शुभ अवसर पर नाग देवता की बड़े विधि के साथ पूजा होती है। पूजा और कथा पाठ के बाद नाग देवता की आरती करने का विधान है। यहां से आप नाग देवता की आरती लिरिक्स देख सकते हैं।

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नाग पंचमी की आरती (Photo Source: Canva)

Nag Panchami Aarti Lyrics in Hindi, Nag Devta Ki Aarti: हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन माह में आने वाली शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर नाग पंचमी मनाई जाती है। आज नाग पंचमी का ही खास दिन है। आज देशभर में लोग सुबह जल्दी उठकर नाग देवता को दूध-लावा चढ़ाएंगे। साथ ही शिवलिंग की पूजा भी होगी। नाग देवता की पूजा के साथ कथा पढ़ी जाती है। और कथा के बाद बिना आरती के पूजा संपन्न नहीं होती। इसलिए आपको भी नागपंचमी के दिन नागदेवता की आरती जरूर पढ़नी चाहिए।

नाग देवता की आरती (Nag Devta Ki Aarti Lyrics)-

||नाग देवता की आरती||

श्रीनागदेव आरती पंचमी की कीजै ।

तन मन धन सब अर्पण कीजै ।

नेत्र लाल भिरकुटी विशाला ।

चले बिन पैर सुने बिन काना ।

उनको अपना सर्वस्व दीजे।।

पाताल लोक में तेरा वासा ।

शंकर विघन विनायक नासा ।

भगतों का सर्व कष्ट हर लिजै।।

शीश मणि मुख विषम ज्वाला ।

दुष्ट जनों का करे निवाला ।

भगत तेरो अमृत रस पिजे।।

वेद पुराण सब महिमा गावें ।

नारद शारद शीश निवावें ।

सावल सा से वर तुम दीजे।।

नोंवी के दिन ज्योत जगावे ।

खीर चूरमे का भोग लगावे ।

रामनिवास तन मन धन सब अर्पण कीजै ।

आरती श्री नागदेव जी कीजै ।।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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