Nag Panchami Aarti Lyrics in Hindi, Nag Devta Ki Aarti: हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन माह में आने वाली शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर नाग पंचमी मनाई जाती है। आज नाग पंचमी का ही खास दिन है। आज देशभर में लोग सुबह जल्दी उठकर नाग देवता को दूध-लावा चढ़ाएंगे। साथ ही शिवलिंग की पूजा भी होगी। नाग देवता की पूजा के साथ कथा पढ़ी जाती है। और कथा के बाद बिना आरती के पूजा संपन्न नहीं होती। इसलिए आपको भी नागपंचमी के दिन नागदेवता की आरती जरूर पढ़नी चाहिए।
नाग देवता की आरती (Nag Devta Ki Aarti Lyrics)-
||नाग देवता की आरती||
श्रीनागदेव आरती पंचमी की कीजै ।
तन मन धन सब अर्पण कीजै ।
नेत्र लाल भिरकुटी विशाला ।
चले बिन पैर सुने बिन काना ।
उनको अपना सर्वस्व दीजे।।
पाताल लोक में तेरा वासा ।
शंकर विघन विनायक नासा ।
भगतों का सर्व कष्ट हर लिजै।।
शीश मणि मुख विषम ज्वाला ।
दुष्ट जनों का करे निवाला ।
भगत तेरो अमृत रस पिजे।।
वेद पुराण सब महिमा गावें ।
नारद शारद शीश निवावें ।
सावल सा से वर तुम दीजे।।
नोंवी के दिन ज्योत जगावे ।
खीर चूरमे का भोग लगावे ।
रामनिवास तन मन धन सब अर्पण कीजै ।
आरती श्री नागदेव जी कीजै ।।
