अध्यात्म

इन लोगों पर चल रहा है साढ़ेसाती का सबसे कष्टदायी चरण, 2027 तक रहना होगा सावधान!

Most Painful Phase of Sadesati: 2025 में तीन राशियों पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। ये राशियां हैं कुंभ, मीन और मेष। लेकिन इनमें से एक राशि ऐसी है जिस पर साढ़ेसाती का सबसे कष्टदायी चरण चल रहा है। ऐसे में इस राशि के लोगों को 2027 तक बेहद सतर्क रहना होगा।

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Most Painful Phase of Sadesati

Most Painful Phase of Sadesati: कहते हैं शनि की साढ़ेसाती जब लगती है तो अच्छों-अच्छों की हालत टाइट हो जाती है। लेकिन अगर इस दशा के दौरान शनि व्यक्ति की कुंडली में शुभ स्थान पर बैठा है तो ये खूब लाभ भी देती है। साढ़ेसाती के तीन चरण होते हैं पहला, दूसरा और तीसरा। जिनमें से इसका दूसरा चरण सबसे ज्यादा कष्टदायी माना जाता है। जानिए ये चरण किस राशि वालों पर चल रहा है।

इस राशि पर चल रहा है साढ़ेसाती का सबसे कष्टदायी चरण

इस दौरान शनि साढ़े साती का कष्टदायी चरण मीन राशि वालों पर चल रहा है जो 2027 तक रहेगा। साढ़ेसाती के इस चरण को सबसे ज्यादा कष्टदायी माना जाता है। कहते हैं इस चरण में शनि लोगों को उनके बुरे कर्मों के लिए दंडित करते हैं तो वहीं अच्छे कर्मों के लिए पुरस्कार देते हैं। कहते हैं जिन लोगों के लिए ये चरण बुरा होता है उन्हें करियर, स्वास्थ्य, आर्थिक, पारिवारिक हर मामलों में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में मीन राशि के उन जातकों को 2027 तक सावधान रहना होगा जिनकी कुंडली में शनि कमजोर स्थिति में विराजमान हैं। (Also Read- भरोसे के लायक होती हैं इस मूलांक की लड़कियां, छल-कपट से रहती हैं कोसों दूर)

साढ़ेसाती के कष्टदायी चरण में क्या करें

इस दौरान किसी को भला-बुरा न कहें। किसी के साथ बुरा न करें। जरूरतमंदों की जितना हो सके सहायता करें। हर शनिवार शनि मंदिर में जाकर शनि भगवान की प्रतिमा के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं। साथ ही एक दीपक पीपल के पेड़ पर भी जलाएं। काले कुत्ते को सरसों के तेल से चुपड़ी रोटी खिलाएं। हनुमान भगवान और भोलेनाथ की पूजा करें। इन उपायों से शनि साढ़ेसाती का भय नहीं रहेगा।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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