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Mata Ke Bhajan In Hindi: तूने मुझे बुलाया शेरावालिए मैं आया मैं आया...यहां देखें माता रानी के ढोलक पर गाने वाले भजन

Mata Ke Bhajan Dholak Wale Lyrics In Hindi: नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा है। इस शुभ अवसर पर भक्त माता की विधि विधान पूजा तो करते ही है साथ ही माता के भजनों को भी खूब सुना-सुनाया जाता है। यहां हम आपके लिए लेकर आए हैं माता के ढोलक पर गाने वाले भजन।

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Mata Ke Bhajan Dholak Wale Lyrics In Hindi

Mata Ke Bhajan Dholak Wale Lyrics In Hindi (माता रानी के भजन ढोलक वाले): नवरात्रि के दिनों में माता रानी के भजनों को खूब सुना जाता है। माता के भजन नवरात्रि के त्योहार को और भी ज्यादा खास बना देते हैं। साथ ही भक्तों के अंदर एक अलग उत्साह और उमंग भर देते हैं। इस दौरान माता के ढोलक वाले भजनों की भी काफी धूम रहती है। अगर आप नवरात्रि के सुपरहिट भजनों की खोज कर रहे हैं तो यहां हम आपके लिए लेकर आए हैं नवरात्रि के कुछ लोकप्रिय भजनों की वीडियो और लिरिक्स।

माता रानी के ढोलक पर गाने वाले भजन (Mata Ke Bhajan Dholak Wale)

  • ऊँचे ऊँचे पहाड़ो पे मैया जी का बसेरा है
  • कोठे ऊपर कोठडी मैया का भवन सजा दूंगी
  • मैया भवन में कैसे आऊ तेरा शेर खड़ा पेहरे पे
  • मैया मेरी जोड़ी बनाए रखना
  • चुनरिया मां की रेशमी कोई गोटा लगाओ रे
  • मैया शेर पे चढ़के आजा
  • मैया तेरा सोलह सिंगार
  • बजती है ढोलक बजाने वाला चाहिए
  • आज तो मंदिर में बाज रही ढोलक
  • जरा फुल बिछादो आँगन में मेरी मैया आने वाली है
  • ढोल बजे ताल बजे और ताली, आ गई देखो मां शेरोवाली

माता के भजन ढोलक वाले लिरिक्स (Mata Ke Bhajan Lyrics)

ऊँचे ऊँचे पहाड़ो पे मैया जी का बसेरा है लिरिक्स

ऊंचे ऊंचे पहाड़ो पे मैया जी का बसेरा है, नीचे हम रहते है ऊपर मैया जी का डेरा है

मैया जी के द्वारे पे एक अंधा पुकार रहा, मैया अंधे को आंखे दो उसे तेरा ही सहारा है

ऊंचे ऊंचे पहाड़ो पे मैया जी का बसेरा है, नीचे हम रहते है ऊपर मैया जी का डेरा है

मैया जी के द्वारे पे कोढ़ी पुकार रहा, मैया कोढ़ी को काया दो उसे तेरा ही सहारा है

ऊंचे ऊंचे पहाड़ो पे मैया जी का बसेरा है, नीचे हम रहते है ऊपर मैया जी का डेरा है

मैया जी के द्वारे पे निर्धन पुकार रहा, मैया निर्धन को माया दो उसे तेरा ही सहरा है

ऊँचे ऊँचे पहाड़ो पे मैया जी का बसेरा है, निचे हम रहते है ऊपर मैया जी का डेरा है

मैया जी के द्वारे पे बांझन पुकार रही, मैया बांझन को बेटा दो उसे तेरा ही सहारा है

ऊंचे ऊंचे पहाड़ो पे मैया जी का बसेरा है, निचे हम रहते है ऊपर मैया जी का डेरा है

मैयाजी के द्वारे पे एक कन्या पुकारी रही, मैया कन्या को वर घर दो उसे तेरा ही सहारा है

ऊंचे ऊंचे पहाड़ो पे मैया जी का बसेरा है, निचे हम रहते है ऊपर मैया जी का डेरा है

मैया जी के द्वारे पे तेरे भगत पुकार रहे, मैया भगतो को दर्शन दो उन्हें तेरा ही सहारा है

ऊँचे ऊँचे पहाड़ो पे मैया जी का बसेरा है, निचे हम रहते है ऊपर मैया जी का डेरा है

चुनरिया मां की रेशमी कोई गोटा लगाओ रे लिरिक्स

चुनरिया मां की रेशमी कोई गोटा लगाओ रे, हो मैया रानी आ गयी जयकारा लगाओ रे

चुनरिया माँ की रेशमी कोई गोटा लगाओ रे, हाथो में लोटा गंगा जल पानी

हो मैया रानी आ गयी सब चरण धुलाओ रे, चुनरिया माँ की रेशमी कोई गोटा लगाओ रे

हाथ में थाली दिया और बाती, हो मैया रानी आ गयी सब ज्योत जलाओ रे

चुनरिया माँ की रेशमी कोई गोटा लगाओ रे, हाथ में थाली चन्दन रोली

हो मैया रानी आ गयी सब तिलक लगाओ रे, चुनरिया माँ की रेशमी कोई गोटा लगाओ रे

हाथ में थाली फूलो वाली, हो मैया रानी आ गयी सब माला पहनाओ रे

चुनरिया माँ की रेशमी कोई गोटा लगाओ रे, हाथ में थाली थाली में चुनरी

हो मैया रानी आ गयी सब चुनरी चढाओ रे, चुनरिया माँ की रेशमी कोई गोटा लगाओ रे

मैया शेर पे चढ़के आजा लिरिक्स

मैया शेर पे चढ़के आजा, तेरे भक्त खड़े हैं गली गली।

मैया कैसा जल है चढ़ाना, तेरे पूछे भगत जन गली गली,

मैया शेर पे चढ़के आजा, तेरे भक्त खड़े हैं गली गली।

मैया कैसा दीप जलाएं, तेरी रौशन हो जाए गली गली,

मैया शेर पे चढ़के आजा, तेरे भक्त खड़े हैं गली गली।

मैया कैसा भोग लगाएं, तेरी कृपा बरसे गली गली,

मैया शेर पे चढ़के आजा, तेरे भक्त खड़े हैं गली गली।

मैया कैसी भेटें गाएं, तेरे नाचे भगत जन गली गली,

मैया शेर पे चढ़के आजा, तेरे भक्त खड़े हैं गली गली।

मैया कैसा चोला चढ़ाएं, चोले की चमक जाए गली गली,

मैया शेर पे चढ़के आजा, तेरे भक्त खड़े हैं गली गली।

मैया कैसे तुझे मनाए, जयकारा गूँजे गली गली,

मैया शेर पे चढ़के आजा, तेरे भक्त खड़े हैं गली गली।

मैया शेर पे चढ़के आजा, तेरे भक्त खड़े हैं गली गली।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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