अध्यात्म

खास सावधानी बरतने के लिए रेडी रहें इन 5 राशियों के लोग, मंगल-केतु बनाने वाले हैं खतरनाक कुजकेतु योग

Mangal Ketu Yuti 2026: मंगल के सिंह राशि में जाते ही यहां मंगल और केतु की युति बन जाएगी। यह युति कुछ राशि वालों के लिए अशुभ रहेगी। आइए जानते हैं कि वे राशियां कौन सी हैं।

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कुजकेतु योग कर सकता है नुकसान (Image AI Generated and Newsroom Verified)

Mangal Ketu Yuti 2026: 12 नवंबर 2026 की रात 8 बजकर 30 मिनट पर ग्रहों के सेनापति मंगल सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। सिंह राशि में पहले से ही केतु मौजूद हैं। ऐसे में मंगल और केतु की युति बनेगी, जिसे ज्योतिष में कुजकेतु योग कहा जाता है। मंगल को साहस, ऊर्जा, गुस्से, जमीन और एक्शन का कारक माना जाता है, जबकि केतु अचानक बदलाव, भ्रम, अलगाव और अप्रत्याशित घटनाओं से जुड़ा ग्रह है।

जब मंगल और केतु एक ही राशि में आते हैं, तो ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार व्यक्ति के अंदर जल्दबाजी, आक्रामकता और बिना पूरी जानकारी के फैसला लेने की प्रवृत्ति बढ़ सकती है। सिंह राशि में यह युति आत्मसम्मान, गुस्से, नेतृत्व और रिश्तों से जुड़े मामलों को सक्रिय कर सकती है। ऐसे में छोटी बात पर बहस बढ़ने, काम में जल्दबाजी करने या अपने फैसले पर अड़ जाने से परेशानी हो सकती है।

इस गोचर का असर सभी राशियों पर एक जैसा नहीं होगा। चंद्र राशि से मंगल और केतु की स्थिति देखें तो जिन राशियों के संवेदनशील भाव सक्रिय हो रहे हैं, उन्हें खास सावधानी रखनी होगी। केतु करीब 25 नवंबर तक सिंह राशि में रहेंगे तो ऐसे में इस समय तक सावधानी बरतने की आवश्यकता है। सिंह राशि में गुरु की मौजूदगी भी इस पूरे संयोग को प्रभावित करेगी। इस कारण इसे हर व्यक्ति के लिए नुकसानदेह मानने के बजाय अपनी राशि के अनुसार इसका विश्लेषण करना जरूरी है। आइए जानते हैं कि यह योग किन राशि वालों के लिए अच्छा नहीं रहेगा।

कुजकेतु योग क्या होता है

जब मंगल और केतु एक ही राशि में आ जाते हैं, तो इसे कुजकेतु युति कहा जाता है। मंगल तेज एक्शन और साहस का कारक है, जबकि केतु अचानक बदलाव और अलग तरह से प्रतिक्रिया देने की प्रवृत्ति से जुड़ा है। दोनों की युति में व्यक्ति किसी बात पर जरूरत से ज्यादा प्रतिक्रिया दे सकता है या बिना पर्याप्त सोच-विचार के कोई कदम उठा सकता है। सिंह राशि में इस युति का संबंध आत्मसम्मान, नेतृत्व, कामकाज में अधिकार और व्यक्तिगत फैसलों से जुड़ सकता है। ऐसे में गुस्से में नौकरी छोड़ना, बिजनेस में जल्दबाजी करना, रिश्तों में अपनी बात मनवाने की कोशिश करना या बिना जांच के पैसा लगाना नुकसानदेह हो सकता है।

मेष राशि

मेष राशि से मंगल और केतु पांचवें भाव में रहेंगे। पांचवां भाव लव लाइफ, बच्चों, पढ़ाई, क्रिएटिविटी और इन्वेस्टमेंट से जुड़ा होता है। इस गोचर के दौरान भावनाओं में बहकर कोई फैसला लेने से परेशानी बढ़ सकती है। प्रेम संबंधों में छोटी बात को बड़ा बनाने या सामने वाले पर अपनी बात थोपने से बचना होगा।

स्टूडेंट्स को पढ़ाई में ध्यान बनाए रखने की जरूरत होगी। शेयर मार्केट या किसी रिस्की इन्वेस्टमेंट में जल्द मुनाफे की उम्मीद के साथ पैसा लगाना ठीक नहीं रहेगा। बच्चों से जुड़े मामलों में भी गुस्से के बजाय धैर्य से काम लें।

उपाय: मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें। इससे मन को शांत रखने और गुस्से पर कंट्रोल करने की प्रेरणा मिलेगी।

कर्क राशि

कर्क राशि से मंगल और केतु दूसरे भाव में होंगे। दूसरा भाव धन, सेविंग, परिवार और वाणी का है। इस युति के दौरान गुस्से में कही गई बात रिश्तों में दूरी पैदा कर सकती है। परिवार के साथ पैसों को लेकर बहस होने की आशंका रह सकती है।

फाइनेंशियल प्लानिंग में लापरवाही न करें। किसी को उधार देने, नया निवेश करने या बड़ी खरीदारी करने से पहले अपनी स्थिति का आकलन करें। नौकरी और बिजनेस में बातचीत करते समय शब्दों का चुनाव सोच-समझकर करना जरूरी होगा।

उपाय: मंगलवार को जरूरतमंद व्यक्ति को लाल मसूर की दाल दान करें। साथ ही गुस्से में कोई आर्थिक फैसला न लें।

सिंह राशि

सिंह राशि में ही मंगल और केतु की युति बनेगी। इस कारण यह गोचर सिंह राशि वालों के लिए खास रहेगा। पहले भाव में ग्रहों का संयोग व्यक्तित्व, आत्मविश्वास, व्यवहार और फैसलों को प्रभावित कर सकता है। छोटी बात पर गुस्सा आना या दूसरों की सलाह को नजरअंदाज करना परेशानी बढ़ा सकता है।

वर्कप्लेस पर सीनियर्स या सहकर्मियों के साथ बहस करने से बचें। बिजनेस में कोई बड़ा कदम उठाने से पहले उसके फायदे और नुकसान समझें। वाहन चलाते समय सावधानी रखें और जल्दबाजी में जोखिम न लें।

सिंह राशि में गुरु भी मौजूद रहेंगे। ऐसे में गुरु से जुड़े विवेक, सलाह और सही मार्गदर्शन को महत्व देना आपके लिए मददगार हो सकता है। किसी बड़े फैसले से पहले अनुभवी व्यक्ति से सलाह लेना बेहतर रहेगा।

उपाय: प्रतिदिन भगवान गणेश की पूजा करें और किसी भी महत्वपूर्ण फैसले से पहले शांत मन से विचार करें।

कन्या राशि

कन्या राशि से मंगल और केतु बारहवें भाव में गोचर करेंगे। बारहवां भाव खर्च, विदेश, एकांत और नींद से जुड़ा है। इस दौरान गैरजरूरी खर्च बढ़ने या किसी पुराने भुगतान के कारण फाइनेंशियल प्रेशर महसूस हो सकता है।

विदेश से जुड़े काम करने वालों या लंबी यात्रा की तैयारी कर रहे लोगों को डॉक्यूमेंट्स और टाइमिंग की जांच करनी चाहिए। नींद और डेली रूटीन को नजरअंदाज न करें। किसी भी तरह का बड़ा खर्च करने से पहले बजट जरूर देखें।

उपाय: मंगलवार को भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करें और अपने खर्चों का हिसाब लिखकर रखें।

मकर राशि

मकर राशि से मंगल और केतु आठवें भाव में गोचर करेंगे। आठवां भाव अचानक बदलाव, ज्वाइंट फाइनेंस, टैक्स, इंश्योरेंस और दूसरे लोगों के साथ जुड़े पैसों से संबंधित है। इसलिए इस दौरान आर्थिक मामलों में ज्यादा सावधानी रखने की जरूरत होगी।

किसी पुराने पेमेंट, टैक्स या बीमा से जुड़े मामले को टालने के बजाय समय पर पूरा करें। बिजनेस में बिना पूरी जानकारी के किसी नई डील पर भरोसा न करें। वाहन चलाते समय ट्रैफिक नियमों का पालन करें और जोखिम भरे कामों में जल्दबाजी न करें।

उपाय: मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें और किसी भी बड़े आर्थिक फैसले से पहले सभी जरूरी जानकारी की जांच करें।

डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।

Mohit Tiwari
मोहित तिवारीauthor

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ने प्रिंट, टीवी और डिजिटल तीनों प्लेटफॉर्म पर काम किया है। देश-विदेश, लाइफस्टाइल, धर्म और आध्यात्मिक विषयों में गहरी रुचि रखने वाले मोहित ने ज्योतिष का भी व्यापक अध्ययन किया है। मोहित के आलेख लाइफस्टाइल, हेल्थ, न्यूज, धर्म, ज्योतिष आदि विषयों पर गहरी शोध और प्रामाणिकता पर आधारित होते हैं और इन विषयों पर वह 12,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं।

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