उज्जैन महाकाल मंदिर: उज्जैन में महाकाल लोक के लोकार्पण की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं। 11 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा महाकाल लोक का लोकार्पण कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। 6 से 11 अक्टूबर तक प्रतिदिन शाम 6.30 से रात 8 बजे तक मां शिप्रा की थीम आधारित आरती की जाएगी। 1500 दीपक प्रज्ज्वलित कर 11 ब्राह्मण मां शिप्रा की आरती करेंगे। प्रितिदिन अलग-अलग विश्व स्तरीय संगीतमय धार्मिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
मां शिप्रा की थीम आधारित आरती: महाकाल लोक लोकार्पण के चलते शिप्रा तट पर 6 से 11 अक्टूबर तक शाम 6.30 से रात 8 बजे तक मां शिप्रा की थीम आधारित आरती की जाएगी। ये आरती 11 पुरोहितों द्वारा बड़े-बड़े दीपक से की जायेगी। सबसे पहले मंत्र उच्चारण होग। फिर धूप आरती, दीप आरती और अंत में कपूर आरती होगी। हर दिन अलग-अलग विश्व स्तरीय संगीतमय धार्मिक प्रस्तुतियों की झलक देखने को मिलेगी। यहां 1500 दीपक प्रज्ज्वलित किए जाएंगे।
कार्तिक महीने में शिप्रा स्नान का महत्व: कार्तिक महीने में शिप्रा स्नान व दीपदान का विशेष महत्व माना जाता है। यहां कई महिलाएं कार्तिक प्रतिपदा से लेकर पूर्णिमा तक यानी पूरे एक महीने सुबह 5 बजे शिप्रा स्नान करने जाती हैं। इसके बाद राधा दामोदर का पूजन किया जाता है। इसके साथ ही शाम के समय शिप्रा में दीप दान भी किया जाता है। ऐसी मान्यता है इससे पितरों का मार्ग आलोकित होता है।
उज्जैन महाकाल मंदिर: शिवा, नीलकंठ, भोले भंडारी, शिवाय, शंकर भगवान आदि नामों से जाना जाता है। देश भर में भगवान शिव से जुड़े 12 ज्योतिर्लिंग हैं। जिनमें महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग देश ही नहीं दुनिया भर में सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है। ये मंदिर मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित है। महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग शिप्रा नदी के तट पर बसा हुआ है।
