Magh Purnima Significance (माघ पूर्णिमा महत्व) : सनातन परंपरा में पूर्णिमा तिथि का खास महत्व है। ये दिन माता लक्ष्मी और चंद्र देव की पूजा के लिए समर्पित है। हालांकि इस दिन पितरों के लिए तर्पण करना भी बहुत अच्छा माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन गंगा नदी में स्नान करने और दान करने से साधक को मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। शास्त्रों में माघ पूर्णिमा को दुखों का नाश करने वाली माना गया है। इस दिन चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से परिपू्र्ण होकर आसमान में प्रकाशित होते हैं। माघ पूर्णिमा का दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा के लिए सबसे उत्तम दिन माना गया है। ऐसे में आइए जानते हैं माघ पूर्णिमा क्यों मनाई जाती है और इस दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए।
माघ पूर्णिमा क्यों मनाई जाती है (Why Magh Purnima Is Celebrated)
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान विष्णु ने माघ पूर्णिमा के दिन मत्स्य अवतार लिया था। इस कारण इस दिन भगवान विष्णु की पूजा का भी विशेष महत्व है। माघ पूर्णिमा के दिन बहुत से लोग घर में सत्यनारायण का पाठ करवाते हैं। इस दिन भगवान सत्यनारायण और माता लक्ष्मी की पूजा करने से घर खुशियों से भरा रहता है। गंगा स्नान और दान के लिए भी माघ पूर्णिमा का दिन बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन किये गए दान का दोगुना फल मिलता है। माघ पूर्णिमा के दिन से सूर्य उत्तरायण की ओर हो जाते हैं। जिससे दिन बड़े होने लगते हैं। इस दिन शाम के समय चंद्र देव की पूजा से भी साधक को लाभ मिलता है। दान करने के लिए माघ पूर्णिमा का दिन सबसे अच्छा माना गया है। माघ मास की पूर्णिमा तिथि के दिन प्रयागराज में माघी स्नान किया जाता है।माघ पूर्णिमा के दिन क्या करना चाहिए (Magh Purnima Dos)
- माघ पूर्णिमा के दिन गंगा नदी में स्नान करना चाहिए।
- इस दिन आप सफेद चीजों जैसे चावल, दूध, खीर का दान कर सकते हैं।
- पूर्णिमा के दिन सात्विक भोजन करें और इस दिन खीर खाएं।
- इस दिन शाम के समय चांदी के लौटे से चंद्र देव को जल चढ़ाएं।
- माघ पूर्णिमा के दिन सत्यनारायण भगवान की पूजा करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।
- माघ पूर्णिमा के दिन शिव परिवार की पूजा करने से भी मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।
माघ पूर्णिमा के दिन क्या ना करें ( Magh Purnima Donts)
- माघ पूर्णिमा तामसिक भोजन ना करें। इस दिन मांस,मदिरा के सेवन से बचना चाहिए।
- माघ पूर्णिमा के दिन बाल, दाढ़ी और नाखून नहीं कटवाने चाहिए।
- माघ पूर्णिमा के दिन किसी से भी कुबोल ना बोलें।
- इस दिन गंगा स्नान का बहुत महत्व बताया गया है, इसलिए इस दिन देर तक ना सोये।
- माघ पूर्णिमे के दिन भूलकर भी काले रंग के वस्त्र ना धारण करें।
