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Maa Shailputri Ki Aarti: नवरात्रि के पहले दिन होती है मां शैलपुत्री की आरती, यहां देखें पहला नवरात्र आरती के लिरिक्स

Maa Shailputri Ki Aarti: नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की उपासना की जाती है। यहां आप देखेंगे देवी शैलपुत्री की आरती के लिरिक्स।

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Maa Shailputri Ki Aarti

Maa Shailputri Ki Aarti (पहला नवरात्र की आरती): कहते हैं जो भक्त मां दुर्गा के शैलपुत्री स्वरूप की सच्चे मन से पूजा अर्चना करता है उसके जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। कहा जाता है कि जिन लोगों के विवाह में दिक्कत आ रही है उन्हें देवी शैलपुत्री की पूजा जरूर करनी चाहिए। मान्यताओं अनुसार ऐसा करने से विवाह से जुड़ी हर परेशानी दूर हो जाती है। इतना ही नहीं मां शैलपुत्री की पूजा से अच्छा स्वास्थ्य भी प्राप्त होता है। ऐसे में मां शैलपुत्री को प्रसन्न करने के लिए उनकी आरती जरूर करें।

मां शैलपुत्री की आरती (Pehla Navratri Ki Aarti)

शैलपुत्री माँ बैल असवार। करें देवता जय जय कार॥

शिव-शंकर की प्रिय भवानी। तेरी महिमा किसी ने न जानी॥

पार्वती तू उमा कहलावें। जो तुझे सुमिरे सो सुख पावें॥

रिद्धि सिद्धि परवान करें तू। दया करें धनवान करें तू॥

सोमवार को शिव संग प्यारी।आरती जिसने तेरी उतारी॥

उसकी सगरी आस पुजा दो। सगरे दुःख तकलीफ मिटा दो॥

घी का सुन्दर दीप जला के। गोला गरी का भोग लगा के॥

श्रद्धा भाव से मन्त्र जपायें। प्रेम सहित फिर शीश झुकायें॥

जय गिरराज किशोरी अम्बे। शिव मुख चन्द्र चकोरी अम्बे॥

मनोकामना पूर्ण कर दो। चमन सदा सुख सम्पत्ति भर दो॥

मां शैलपुत्री के मंत्र (Maa Shailputri Ke Mantra)

  • ऊँ देवी शैलपुत्र्यै नमः ।।
  • या देवी सर्वभूतेषु शैलपुत्री रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नम:।।
  • वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्। वृषारुढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्।।

मां शैलपुत्री का भोग (Maa Shailputri Bhog)

मां शैलपुत्री को घी का भोग लगाना बेहद शुभ माना जाता है। इसके अलावा उन्हें सफेद दिखने वाले खाद्य पदार्थ जैसे कि खीर, चावल, सफेद मिठाई आदि का भी भोग लगाया जा सकता है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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