Chanakya Niti in Hindi: चाणक्य के नीतिशास्त्र को ज्ञान का भंडार माना जाता है। इसमें कई ऐसी बातें बताई गई हैं, जो मनुष्य के ज्ञानचक्षु खोल देती हैं। संसार की व्यवहारिक सच्चाई से रूबरु कराने के लिए चाणक्य ने अपने विचारों और उपायों को इन नीतियों में एक साथ पिरोया है। ये उपाय लोगों को अंधकार से प्रकाश की तरफ ले जाने और सही रास्ता दिखाने का काम करते हैं। यह चाणक्य का एक ऐसा अनमोल विचारों का पिटारा है जो लोगों की हर मुश्किल समय में मदद करने का काम करता है। आचार्य कहते हैं सभी के जीवन में सुख दुख आता रहता है। लोगों को इन दोनों स्थित का सामना करने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। हालांकि कुछ लोग ऐसे होते हैं जो अपने जीवन में सिर्फ खुशी ही चाहते हैं। ऐसे लोग कुछ क्षण की खुशी के लिए भी कई बार ऐसा रास्ता अपना लेते हैं, जो आगे चलकर उन्हें जीवन भर तकलीफ देता है। चाणक्य ने ऐसे रास्तों का जिक्र करते हुए लोगों को इससे दूर रहने की सलाह दी है।
दुष्ट व्यक्ति से फायदा लेना
आचार्य कहते हैं कि दुष्ट नियम का व्यक्ति कभी किसी का भरोसेमंद नहीं हो सकता। ऐसे लोगों के साथ दोस्ती और दुश्मनी दोनों ही तकलीफदेय हो सकती है। अगर कोई व्यक्ति ऐसे व्यक्ति से दोस्ती कर उससे कुछ मदद ले रहा है तो वह खुद अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारने का काम कर रहा है। क्योंकि ऐसे लोगों से मिली सहायता या लाभ व्यक्ति को एक बार खुशी जरूर दे सकता है, लेकिन इसके बदले में वह दुष्ट इंसान के चुंगल में फंस जाता है। जिससे जीवन भर बाहर निकलना मुश्किल होता है। ऐसे लोग हमेशा अपनी मनमर्जी से दूसरे को चलाने की कोशिश करते हैं।
गलत इंसान से प्रेम
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि लोगों को भूलकर भी गलत इंसान से प्रेम संबंध नहीं बनाना चाहिए। फिर चाहे वह लड़का हो या फिर लड़की। क्योंकि ऐसे लोग अपने फायदे के लिए धोखा देने से भी पीछे नहीं हटते हैं। ऐसे लोगों पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। ये लोग पैसा, पद व तरक्की पाने के लिए कुछ भी कर सकते हैं। इनके प्रेम जाल में फंसने पर जीवन बर्बाद हो सकता है।
मीठी वाणी से सावधान
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि लोगों को मीठी वाणी बोलने वालों से हमेशा सावधान रहना चाहिए, क्योंकि मुंह पर मीठी वाणी बोलने वाले लोग अक्सर सामने पल भर की खुशी देकर पीठ में छूरा घोंप देते हैं। ऐसे लोग अपनी बातों में उलझाकर मलचाहा काम करवा लेते हैं। ऐसे लोगों से हमेशा दूर रहना चाहिए।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
