अध्यात्म

दिवाली पूजन में लक्ष्मी गणेशजी की मूर्ति कैसे रखते हैं, देखें लक्ष्मी गणेश मूर्ति पोजिशन इन हिंदी

Ganesh Laxmi Ji Ki Murti Kaise Rakhe: दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश पूजन करते समय मूर्ति या चित्र को सही तरीके से स्थापित करना बहुत महत्वपूर्ण होता है। इससे पूजा फलदायक और शुभ मानी जाती है। यहां से आप जान सकते हैं कि दिवाली पूजन में लक्ष्मी गणेशजी की मूर्ति कैसे रखते हैं।

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लक्ष्मी गणेश मूर्ति पोजिशन इन हिंदी (pic credit: canva)

Ganesh Laxmi Ji Ki Murti Kaise Rakhe: आज दिवाली के दिन घर-घर में गणेश-लक्ष्मी जी की पूजा की जाएगी। धनतेरस की दिन की लोग गणेश-लक्ष्मी जी की मूर्ति खरीद लाते हैं और आज दिवाली के दिन इसे स्थापित करते हैं। लक्ष्मी-गणेश जी की मूर्तियों को सही दिशा में और सही तरीके से रखने से भगवान की कृपा बरसती है। आज मूर्ति रखते हुए कई लोगों के मन में सवाल आ रहा है कि लक्ष्मी गणेश की मूर्ति कैसे रखें? तो आपको इस सवाल का जवाब यहां से मिलेगा। साथ ही यहां बताया गया है कि गणेश जी के किस साइड मां लक्ष्मी की मूर्ति को रखनी है।

लक्ष्मी गणेश की मूर्ति कैसे रखें?

घर में गणेश मूर्ति का मुख पूर्व या पश्चिम दिशा में होना चाहिए, जबकि पूजा करते समय आपका मुख मूर्ति की ओर होना चाहिए। गणेश लक्ष्मी मूर्ति के लिए, उन्हें घर या पूजा कक्ष के प्रवेश द्वार के सामने, आदर्श रूप से उत्तर या उत्तर-पूर्व की दीवार पर रखें। मूर्तियों का मुख पूजा करते समय आपकी ओर (दक्षिण या पश्चिम की ओर) होना चाहिए।

गणेश जी के किस साइड हों मां लक्ष्मी की मूर्ति?

मां लक्ष्मी को हमेशा भगवान गणेश के दाईं ओर रखना चाहिए। बाईं ओर से भगवान गणेश बाधाओं को हटाते हैं तो वहीं दाईं ओर से मां लक्ष्मी की वजह से समृद्धि का आगमन होता है। भगवान गणेश की दाईं ओर मां लक्ष्मी को बैठाने की एक वजह ये भी है क्योंकि दोनों पति-पत्नी नहीं है। धार्मिक मान्यता के हिसाब से पत्नी पति की बाईं ओर बैठती है।

पुरानी लक्ष्मी गणेश मूर्ति का क्या करना चाहिए?

पुरानी मूर्तियों को कभी भी या कहीं भी फेंकना या अपवित्र स्थान पर रखना अनुचित माना जाता है। पूजा के बाद पुरानी मूर्तियों को श्रद्धा के साथ किसी नदी, तालाब या साफ बहते जल में विसर्जित कर दें। मूर्ति विसर्जन के लिए सोमवार का दिन बेहद शुभ माना जाता है। मंगलवार को कभी भी मूर्ति विसर्जन ना करें।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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