Chanakya Niti in Hindi: आचार्य चाणक्य ने मानव जीवन के लिए कई ऐसे शास्त्रों की रचना की है, जो आज भी उपयोगी है। इन सभी में नीति शास्त्र सबसे अहम है। इसमें मानव जीवन के बारे में बहुत कुछ लिखा गया है। चाणक्य नीति में बताई गई कई बातें मनुष्य को जीवन में अपने लक्ष्य को पाने के लिए प्रेरित करती हैं। इनमें बताए गए उपायों पर अमल कर व्यक्ति कई तरह की परेशानियों से बच सकता है। इसमें आचार्य चाणक्य ने विस्तार से बताया है कि, व्यक्ति को क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए। नीतिशास्त्र में यह भी बताया गया है कि मनुष्य को किन चीजों को पैर नहीं लगाना चाहिए।
अग्नि
आचार्य चाणक्य कहते हैं अग्नि को कभी भूलकर भी पैर नहीं लगाना चाहिए। क्योंकि हिंदू धर्म में अग्नि को देव माना गया है और इनकी पूजा की जाती है। जीवन के लिए अग्नि बहुत जरूरी है। साथ ही सभी शुभ कामों में अग्नि का उपयोग किया जाता है। अग्नि देव जब खुश होते हैं तो लोगों की झोली भर देते हैं, वहीं, अगर ये नाराज हो गए तो सर्वनाश कर देते हैं।
बुजुर्ग
आचार्य कहते हैं कि, सभी धर्म में बड़े-बुजुर्गों का सम्मान करना सिखाया जाता है। बुजुर्गों का हमेशा पैर छूकर उनका आर्शिवाद लेना चाहिए। इन्हें कभी भूल कर भी पैर से नहीं छूना चाहिए। ऐसा करने पर पाप लगता है और जीवन मुश्किल बन जाता है। जो लोग ऐसा करते हैं उनके घर में कभी सुख समृद्धि नहीं होती है। मान्यता है कि, जहां बड़ों का अनादर होता है, वहां से मां लक्ष्मी रुठकर चली जाती हैं।
कुंवारी कन्या
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि हिन्दू धर्म में कुंवारी कन्या को बहुत सम्मान मिलता है। इन्हें देवी का स्वरूप माना जाता है। इसलिए उन्हें कभी भी पैर से नहीं छूना चाहिए। अगर गलती से इन्हें पैर लग जाए तो तुरंत पैर छूकर माफी मांग लेनी चाहिए। जो लोग कुंवारी कन्या को पैर से छूते हैं, उन्हें नर्क में भी जगह नहीं मिलती है।
गाय
हिन्दू धर्म में गाय को भी बहुत पूज्यनीय माना गया है। गाय को माता का दर्ज दिया गया है। गाय अपने दूध से हमारा भरण-पोषण कर जीवन देती है। आपके दरवाजे पर अगर गाय आए तो उसे कभी भी मारकर नहीं भगाना चाहिए। गाय की हमेशा सेवा करना चाहिए। मान्यता है कि गाय में सभी देवी-देवता निवास करते हैं।
(डिस्क्लेमर: यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
