Khichdi Kab Hai 2026 Mein: आज खिचड़ी है क्या, मकर संक्रांति खिचड़ी बिहार में कब मनाया जा रहा है, जानें सही डेट
- Authored by: Srishti
- Updated Jan 15, 2026, 07:27 AM IST
Khichdi Kab Hai 2026 Mein (खिचड़ी कब है): देशभर में खिचड़ी की तैयारियां चल रही हैं और साथ ही डेट को लेकर कंफ्यूजन भी। खिचड़ी के दिन सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं, इसलिए इसे मकर संक्रांति भी कहा जाता है। आज 15 तारीख है तो सवाल ये है कि कल खिचड़ी मन गया कि आज खिचड़ी है। यहां से आप जान सकते हैं कि इस साल खिचड़ी कब और किस दिन मनाया जाएगा।
खिचड़ी कब है (pc: canva)
Khichdi Kab Hai 2026 Mein (खिचड़ी कब है): खिचड़ीभारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जो हर साल जनवरी के महीने में मनाया जाता है। इस दिन सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं, इसलिए इसे मकर संक्रांति भी कहा जाता है। इसी खास अवसर पर देश के कई हिस्सों, खासकर उत्तर भारत में, खिचड़ी का त्योहार बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। खिचड़ी के दिन कई सारे घर में खिचड़ी बनाई भी जाती है। लेकिन खिचड़ी आखिर है कब, इसकी डेट को लेकर काफी कंफ्यूजन है। यहां से आप खिचड़ी की सही तारीख नोट कर सकते हैं और जान सकते हैं कि खिचड़ी आज है या कल।
खिचड़ी कब है जनवरी 2026 में ?
साल 2026 में खिचड़ी 15 जनवरी, गुरुवार के दिन ही मनाया जा रहा है। बिहार में भी खिचड़ी 15 जनवरी के दिन ही है। इसका सीधा कारण एकादशी है, लेकिन कुछ जगहों पर 14 जनवरी के दिन भी लोग संक्रांति यानी खिचड़ी मना रहे हैं।
मकर संक्रांति को खिचड़ी क्यों कहा जाता है?
कहा जाता है कि जब भारत पर खिलजी ने आक्रमण किया था तो उस युद्ध में भारत के कई योद्धा और योगी भी शामिल हुए थे। हर तरफ लड़ाई का माहौल था। जिसकी वजह से किसी को खाने का समय नहीं मिल पाता था। जिसके कारण लोग कमजोर होने लगे थे। तब गुरु गोरखनाथ जी ने इस समस्या का हल निकालते हुए सभी को दाल, चावल और सब्जियों को अलग-अलग पकाने की जगह एक साथ पकाने के लिए कहा। जो सभी के लिए बेहद आसान था। इस नए व्यंजन को खाकर सभी का पेट भी आसानी से भर जाता था। कहते हैं खिलजी को हराने के बाद गोरखनाथ जी समेत सभी योगियों ने मिलकर इस नए पकवान को बनाया। फिर इस पकरान को सभी में बांटा और इसे खिचड़ी का नाम दिया गया। कहते हैं जिस दिन ये कार्य किया गया उस दिन मकर संक्रांति थी। कहते हैं तभी से लेकर आज तक मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी बनाने की परंपरा चली आ रही है और इस वजह से कई जगह इस पर्व को खिचड़ी के नाम से जाना जाता है।
मकर संक्रांति के अलग-अलग नाम-
मकर संक्रांति को भारत में विभिन्न राज्यों में अलग-अलग नामों से जाना जाता है। यूपी और बिहार में इसे ‘खिचड़ी’ के नाम से सेलिब्रेट किया जाता है। वहीं मध्य भारत में इस त्योहार को माघी/ भोगली बिहू के नाम से मनाते हैं, तमिलनाडु में इसे पोंगल कहते हैं। असम में इसे माघ बिहू, गुजरात-राजस्थान और उत्तराखंड में इसे उत्तरायण कहते हैं। इसके अलावा ये आंध्र प्रदेश, कर्नाटक में संक्रांति कहलाता है। नेपाल में मकर संक्रांति को माघी और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में सुग्गी भी कहते हैं, जो फसल कटाई और सूर्य के उत्तरायण होने का उत्सव है।