Press Club of India on Journalists Attacked: प्रेस क्लब ऑफ इंडिया (PCI) ने राष्ट्रीय राजधानी में चल रहे युवा प्रदर्शन की कवरेज के दौरान पत्रकारों पर हुए हमलों और हिंसा की कड़ी निंदा की है। संगठन ने कहा कि ऐसी घटनाएं प्रेस की स्वतंत्रता पर गंभीर हमला हैं और पत्रकारों के सुरक्षित माहौल में काम करने के अधिकार को कमजोर करती हैं। प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने अपने बयान में कहा कि प्रदर्शन की रिपोर्टिंग के दौरान कई पत्रकारों के साथ हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं। संगठन के अनुसार, पत्रकारों पर हमले प्रदर्शन स्थल और उसके आसपास मौजूद लोगों के साथ-साथ पुलिस और सुरक्षा बलों की ओर से भी किए गए। कुछ पत्रकारों ने आरोप लगाया कि प्रेस पहचान पत्र (Press ID) दिखाने के बावजूद उन्हें नहीं बख्शा गया।
इंडियन वूमेन्स प्रेस कॉर्प्स ने भी की निंदा
इस बीच इंडियन वूमेन्स प्रेस कॉर्प्स (IWPC) ने भी जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन की कवरेज के दौरान Times Now नेटवर्क के पत्रकार देव कोटक पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। संगठन ने अपने बयान में कहा कि प्रदर्शन स्थल पर मौजूद लोगों द्वारा देव कोटक के साथ की गई मारपीट बेहद चिंताजनक है। बयान के मुताबिक, 'उन्हें घेरा गया, पीटा गया, उनका मोबाइल फोन छीन लिया गया और उनका चश्मा भी गायब हो गया।' IWPC ने इस घटना को पूरी तरह निंदनीय बताया है।
उल्लेखनीय है कि देव कोटक पिछले करीब तीन सप्ताह से लगातार CJP के प्रदर्शन की जमीनी रिपोर्टिंग कर रहे थे और युवाओं की परेशानी सरकार तक निष्पक्ष तरीके से पहुंचा रहे थे।
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया (PCI) ने आउटलुक पत्रिका के एक पत्रकार के घायल होने की घटना पर चिंता जताई है। संगठन के मुताबिक, रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पत्रकार के हाथ में कथित तौर पर पेलेट गन जैसी दिखने वाली किसी हथियार से गोली लगने के कारण गंभीर चोट आई है। इसके अलावा कम से कम तीन अन्य पत्रकारों के भी पेलेट जैसे प्रोजेक्टाइल से घायल होने की खबरें सामने आई हैं। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान पेलेट गन के इस्तेमाल से इनकार किया है। ऐसे में प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने अन्य सुरक्षा एजेंसियों से स्पष्ट करने की मांग की है कि क्या उनके जवानों ने ऐसे हथियारों का इस्तेमाल किया था। संगठन ने इन घटनाओं की निष्पक्ष जांच, दोषियों की जवाबदेही तय करने और भविष्य में पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
मुंबई प्रेस क्लब ने भी आक्रोश व्यक्त किया
इससे पूर्व मुंबई प्रेस क्लब (Mumbai Press Club) व चेन्नई प्रेस क्लब ने भी पत्रकारों पर हुए हमले पर आक्रोश व्यक्त किया। बीते दिन बुधवार को मुंबई प्रेस क्लब ने इस घटना को लोकतांत्रिक व्यवस्था का चौथा स्तंभ माने जाने वाले मीडिया की स्वतंत्रता पर सीधा हमला करार दिया है। मुंबई प्रेस क्लब ने स्पष्ट किया कि निष्पक्ष रिपोर्टिंग करना और जनता तक सच पहुंचाना पत्रकारों का संवैधानिक उत्तरदायित्व है। चाहे किसी भी प्रकार का प्रदर्शन हो, पत्रकारों की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित की जानी चाहिए। कानून प्रवर्तन एजेंसियों (पुलिस) और सार्वजनिक सभाओं के आयोजकों का यह सामूहिक कर्तव्य है कि वे पत्रकारों को बिना किसी डर के स्वतंत्र माहौल प्रदान करें।
