Jyeshtha Purnima 2024 Date, Muhurat, Puja Vidhi (ज्येष्ठ पूर्णिमा पूजा विधि 2024): ज्येष्ठ महीने में आने वाली पूर्णिमा का सनातन धर्म में विशेष महत्व माना जाता है। कहते हैं जो भक्त इस दिन गंगा स्नान करके दान-धर्म के कार्य करता है उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। साथ ही उसे सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है। ये दिन पितरों की शांति के उपाय करने के लिए भी उत्तम होता है। इस दिन कई महिलाएं वट पूर्णिमा व्रत भी रखती हैं। बता दें इस साल ज्येष्ठ पूर्णिमा 22 जून को मनाई जा रही है। यहां आप जानेंगे इस पूर्णिमा की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और महत्व।
ज्येष्ठ पूर्णिमा 2024 पूजा मुहूर्त (Jyeshtha Purnima Puja Muhurat 2024)
ज्येष्ठ पूर्णिमा 22 जनवरी 2024 को मनाई जाएगी। जिसका प्रारंभ 21 जून की सुबह 7 बजकर 31 मिनट से होगा और समापन 22 जून की सुबह 6 बजकर 37 मिनट पर होगा।
ज्येष्ठ पूर्णिमा पूजा व्रत विधि (Jyeshtha Purnima Puja Vidhi In Hindi)
- इस पूर्णिमा पर स्नान, ध्यान और पुण्य कर्म करने चाहिए।
- ऐसे में इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें।
- जो महिलाएं व्रत कर रही हैं, वे या तो निर्जला व्रत रखें या फलाहार लेकर भी व्रत रह सकती हैं।
- व्रत का पारण चंद्र दर्शन के बाद करना है। क्योंकि इस व्रत में चंद्र देव की पूजा जरूरी मानी गई है।
- इसके अलावा इस दिन भगवान शिव और श्री हरि भगवान विष्णु की पूजा की जाती है।
- पूजा के बाद अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को दान जरूर दें। ऐसा करने से पुण्य फल की प्राप्ति होगी।
ज्येष्ठ पूर्णिमा का महत्व (Jyeshtha Purnima Ka Mahatva)
कई जगह इस दिन श्रद्धालु गंगाजल लेकर अमरनाथ यात्रा के लिए निकल जाते हैं। इस महीने में गर्मी बहुत पड़ती है इस कारण इस दौरान पानी का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। इसलिए ज्येष्ठ पूर्णिमा पर जल का दान करना बेहद शुभ माना जाता है।
