पश्चिम बंगाल के प्रतिष्ठित Jadavpur University को नया कार्यवाहक कुलसचिव (Officiating Registrar) मिल गया है। विश्वविद्यालय के चांसलर और राज्य के राज्यपाल आर. एन. रवि ने इतिहास विभाग के प्रोफेसर देवजीत दत्ता (Professor Debjit Dutta) को इस महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया। वह सेलिम बॉक्स मंडल का स्थान लेंगे। इसके साथ ही विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कामकाज को अधिक सुचारू और मजबूत बनाने के लिए वित्त विभाग में भी नई अंतरिम नियुक्ति की गई है।
प्रशासनिक पदों पर नई अंतरिम नियुक्तियां
विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इस फेरबदल के तहत दो मुख्य पदों पर जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं:
ऑफिशिएटिंग रजिस्ट्रार: इतिहास के शिक्षक देवजीत दत्ता को कुलसचिव पद की कमान सौंपी गई है।
ऑफिशिएटिंग फाइनेंस ऑफिसर: कला संकाय के इंद्रजीत बंद्योपाध्याय को विश्वविद्यालय का नया कार्यवाहक वित्त अधिकारी नियुक्त किया गया है।
यादवपुर विश्वविद्यालय के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि ये दोनों अधिकारी अगले छह महीने की अवधि के लिए अपनी-अपनी अंतरिम जिम्मेदारियों को संभालेंगे।
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स्थायी नियुक्तियों की प्रक्रिया भी जारी
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के अनुसार, यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब हाल ही में विश्वविद्यालय की एग्जीक्यूटिव काउंसिल ने स्थायी कुलसचिव और स्थायी वित्त अधिकारी की नियुक्ति प्रक्रिया पर विस्तृत चर्चा की थी। कार्य परिषद ने इन दोनों प्रमुख प्रशासनिक पदों पर स्थायी अधिकारियों के चयन के लिए गठित की जाने वाली चयन समितियों के लिए अपने दो प्रतिनिधियों को भी मनोनीत किया था। जब तक स्थायी अधिकारियों की चयन प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक नए नियुक्त अधिकारी इन पदों का कार्यभार संभालेंगे।
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प्रशासनिक मजबूती की दिशा में कदम
पीटीआई के अनुसार, रजिस्ट्रार और वित्त अधिकारी किसी भी विश्वविद्यालय के दो सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील प्रशासनिक स्तंभ होते हैं। यादवपुर विश्वविद्यालय में किए गए ये बदलाव संस्थान के दैनिक कामकाज को सुचारू रूप से चलाने, वित्तीय निर्णयों को गति देने और प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ व पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से किए गए हैं।
