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July Amavasya 2024 Date: जुलाई में अमावस्या कब है, नोट कर लें सही डेट, टाइम और महत्व

July Amavasya 2024 Date: हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व माना जाता है जो हर महीने में पड़ती है। जुलाई में आषाढ़ अमावस्या पड़ेगी। चलिए जानते हैं जुलाई में अमावस्या कब है और इसका शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।

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July Amavasya 2024 Date

July Amavasya 2024 Date (जुलाई अमावस्या कब है 2024): जुलाई में आषाढ़ अमावस्या पड़ेगी। इस अमावस्या पर दान-पुण्य के कार्य करने का विशेष महत्व माना जाता है। इसके साथ ही ये दिन पितरों के तर्पण के लिए भी उत्तम माना गया है। इस दिन पवित्र नदी में स्नान करके सूर्य को अर्घ्य जरूर देना चाहिए। कहते हैं इससे पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। इसके अलावा इस दिन पीपल के पेड़ की भी पूजा करनी चाहिए। चलिए जानते हैं जुलाई में आषाढ़ अमावस्या कब पड़ेगी।

जुलाई अमावस्या 2024 डेट और टाइम (July Amavasya 2024 Date And Time)

जुलाई में आषाढ़ अमावस्या पड़ेगी जो 5 जुलाई को मनाई जाएगी। इस अमावस्या का प्रारंभ 5 जुलाई की सुबह 04 बजकर 57 मिनट पर होगा और समाप्ति 6 जुलाई की सुबह 4 बजकर 26 मिनट पर होगी।

आषाढ़ अमावस्या के दिन क्या करें (Ashadha Amavasya Ke Din Kya Kare)

  • आषाढ़ अमावस्या के दिन नदी, जलाशय या कुंड में स्नान जरूर करें।
  • इस दिन सूर्य देव को अर्घ्य जरूर दें।
  • पितरों की आत्मा की शांति के लिए व्रत रखें।
  • गरीब व्यक्ति या ब्राह्मण को दान-दक्षिणा जरूर दें।
  • शाम में पीपल के पेड़ के नीचे सरसो के तेल का दीपक जलाएं।
  • पीपल के पेड़ पर सात परिक्रमा करें इससे पितरों की आत्मा को शांति मिलेगी।
  • आटे की गोलियां मछलियों को खिलाएं।
  • चीटियों को शक्कर मिला हुआ आटा खिलाएं।

आषाढ़ अमावस्या का महत्व क्या है? (Ashadha Amavasya Ka Mahatva)

आषाढ़ महीने की अमावस्या को हलहारिणी अमावस्या भी कहते हैं। इस दिन किसान अपने हल और खेती से जुड़े औज़ारों, मशीनों व सामान की पूजा करते हैं। इसके अलावा इस दिन श्रद्धालु पवित्र नदियों में स्नान करते हैं। कहते हैं ऐसा करने से व्यक्ति जन्म और मृत्यु के बंधन से मुक्त हो जाता है। इतना ही नहीं अमावस्या तिथि पितरों के तर्पण के लिए भी उत्तम मानी जाती है। इसके अलावा इस दिन दान करने का भी अपना विशेष महत्व माना जाता है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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