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Holika Dahan Timing Hayrana Live 2026 Today: आज होलिका दहन का समय क्या है हरियाणा में- देखें गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक, हिसार, करनाल, पानीपत में होली कब जलेगी- जानें होलिका जलाने का टाइम

Haryana Holika Dahan 2026 Timing Today, Holi Mein Aag Lagne ka Time (गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक, हिसार, करनाल, पानीपत में होलिका दहन का सही समय क्या है): आज 2 मार्च को शाम 5:55 बजे से फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि आरंभ होगी। उदया तिथि के अनुसार हरियाणा में 3 मार्च को होलिका जलाई जानी चाहिए। लेकिन ग्रहण की वजह से 2 आज यानी 2 मार्च को होलिका दहन होगा। यहां देखें आज 2 मार्च को होलिका दहन हरियााणा के प्रमुख शहरों में कब होगा। देखें गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक, हिसार, करनाल, पानीपत समेत अन्य शहरों में होली कब जलाई जाएगी आज।

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आज 2 मार्च का होलिका दहन टाइम हरियाणा के प्रमुख शहरों में

Haryana Holika Dahan 2026 Timing Today, Holi Mein Aag Lagne ka Time (गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक, हिसार, करनाल, पानीपत में होलिका दहन का सही समय क्या है): आज 2 मार्च को शाम 5:55 बजे से फाल्गुन मास की पूर्णिमा लगेगी। 3 मार्च को साल का पहला चंद्र ग्रहण होने की वजह से आज यानी 2 मार्च को ही होलिका दहन की तिथि निकली है। यहां आप जान सकते हैं कि हरियाणा के अलग अलग शहरों में आज होलिका दहन का टाइम क्या रहेगा। साथ ही देखें कि आज होली कब जलानी है और होली में आग लगाने का समय क्या है।

आज 2 मार्च का होलिका दहन टाइम हरियाणा के प्रमुख शहरों में

शाहरटाइमदेर रात का टाइम
फरीदाबाद6:22 PM से 8:50 PM1:23 AM से 2:34 AM
गुरुग्राम6:22 PM से 8:50 PM1:23 AM से 2:34 AM
रोहतक6:22 PM से 8:50 PM1:23 AM से 2:34 AM
हिसार6:22 PM से 8:50 PM1:23 AM से 2:34 AM
पानीपत6:22 PM से 8:50 PM1:23 AM से 2:34 AM
करनाल6:22 PM से 8:50 PM1:23 AM से 2:34 AM
सोनीपत6:22 PM से 8:50 PM1:23 AM से 2:34 AM
पंचकूला6:22 PM से 8:50 PM1:23 AM से 2:34 AM
भिवानी6:22 PM से 8:50 PM1:23 AM से 2:34 AM
अंबाला6:22 PM से 8:50 PM1:23 AM से 2:34 AM
सिरसा6:22 PM से 8:50 PM1:23 AM से 2:34 AM
बहादुरगढ़6:22 PM से 8:50 PM1:23 AM से 2:34 AM
जींद6:22 PM से 8:50 PM1:23 AM से 2:34 AM
कुरुक्षेत्र6:22 PM से 8:50 PM1:23 AM से 2:34 AM
कैथल6:22 PM से 8:50 PM1:23 AM से 2:34 AM

होलिका दहन कैसे करते हैं

होलिका दहन फाल्गुन पूर्णिमा की रात को विधि-विधान से किया जाता है। सबसे पहले खुले स्थान पर लकड़ी, उपले और सूखी टहनियों से होलिका सजाई जाती है। पूजा से पूर्व स्थान को साफ कर गंगाजल छिड़का जाता है। फिर रोली, अक्षत, हल्दी, फूल और कच्चा सूत लेकर होलिका की परिक्रमा की जाती है। परंपरा के अनुसार कच्चे सूत को होलिका के चारों ओर लपेटते हुए परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। इसके बाद नारियल, नई फसल की बालियां (जौ या गेहूं), मिठाई और गुड़ अर्पित किया जाता है। शुभ मुहूर्त में अग्नि प्रज्वलित की जाती है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक मानी जाती है। अग्नि जलने के बाद लोग उसकी परिक्रमा करते हैं और अपने जीवन की नकारात्मकता, रोग और कष्टों के नाश की प्रार्थना करते हैं। कई स्थानों पर नई फसल की बालियां भूनकर प्रसाद के रूप में बांटी जाती हैं। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से की गई प्रार्थना से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है तथा सभी प्रकार की बाधाएं दूर होती हैं।

होलिका दहन पर क्या नहीं करना चाहिए

होलिका दहन के दिन कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इस दिन बिना कारण झगड़ा, कटु वचन या किसी का अपमान नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह बुराई त्यागने और सकारात्मकता अपनाने का पर्व है। शुभ मुहूर्त से पहले अग्नि प्रज्वलित नहीं करनी चाहिए। होलिका में प्लास्टिक, रबर या गंदगी नहीं डालनी चाहिए, इससे पर्यावरण को नुकसान होता है। गर्भवती महिलाएं और छोटे बच्चे अग्नि के बहुत पास न जाएं। नकारात्मक सोच, ईर्ष्या और द्वेष की भावना से दूर रहकर श्रद्धा और संयम के साथ पूजा करना ही शुभ माना जाता है।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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