Hindu Nav Varsh Aur Chaitra Navratri 2025 (चैत्र नवरात्रि और हिंदू नव वर्ष 2025): चैत्र नवरात्रि के पहले दिन से यानी 30 मार्च 2025 से हिंदुओं का नया साल लग गया है। पंचांग के अनुसार ये नववर्ष '2082 कालयुक्त' संवत्सर कहलाएगा। इस नए साल का पहला पर्व नवरात्रि होता है। तो वहीं महाराष्ट्र और कोंकण के लोग हिंदू नव वर्ष के पहले दिन गुड़ी पड़वा पर्व मनाते हैं। जबकि आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक के लोग इस दिन युगादी पर्व मनाते हैं। लेकिन आपने कभी ये सोचा कि आखिर चैत्र नवरात्रि से ही हिंदुओं का नया साल क्यों शुरू होता है। चलिए आपको बताते हैं इसके पीछे की रोचक कथा।
हिंदू नववर्ष 2025 संवत्सर (Hindu Nav Varsh 2025 Vikram Samvat)
हिंदुओं का नया साल 30 मार्च 2025, रविवार से शुरू हो गया है। ये विक्रम संवत 2082 कालयुक्त होगा तो वहीं शक संवत 1947 विश्वावसु होगा।
हिंदू नववर्ष कब से शुरू होता है (Hindu Nav Varsh Kab Manaya Jata Hai)
हिंदुओं का नया साल चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होता है। इस दिन चैत्र नवरात्रि का पहला दिन होता है।
Hindu Nav Varsh In Different States
| स्थान | त्योहार |
| गोवा और केरल | संवत्सर पड़वो |
| कर्नाटक | युगाड़ी |
| आन्ध्र प्रदेश और तेलंगाना | उगाड़ी |
| कश्मीरी | नवरेह |
| मणिपुर | सजिबु नोंगमा पानबा या मेइतेई चेइराओबा |
| महाराष्ट्र | गुड़ी पड़वा |
चैत्र नवरात्रि से हिंदुओं का नया साल क्यों शुरू होता है (Chaitra Navratri Se Hinduo Ka Naya Saal Kyu Shuru Hota Hai)
पौराणिक मान्यताओं अनुसार चैत्र नवरात्रि के पहले दिन ही भगवान ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना की थी। इसी वजह से इस दिन को नवसंवत्सर के रूप में मनाया जाता है। हिंदुओं के नये साल का पहला पर्व चैत्र नवरात्रि होता है जो पूरे नौ दिनों तक चलता है।
