Hariyali Amavasya 2025 Date, Muhurat, Puja Samagri, Puja Vidhi: हिंदू पंचांग के अनुसार, हर महीने की कृष्ण पक्ष की 15वीं तिथि को अमावस्या के रूप में मनाया जाता है। सावन के महीने में आने वाली अमावस्या को हरियाली अमावस्या कहते हैं। इस दिन पितरों का तर्पण और स्नान-दान किया जाता है। यहां से आप हरियाली अमावस्या की तिथि के साथ शुभ मुहूर्त की जानकारी भी ले सकते हैं। साथ ही यहां पूजा सामग्री और पूजा विधि के बारे में भी बताया गया है।
हरियाली अमावस्या शुभ मुहूर्त (Hariyali Amavasya Shubh Muhurat)
पंचांग के अनुसार, सावन मास की अमावस्या तिथि यानी हरियाली अमावस्या की तिथि 24 जुलाई को सुबह 2.29 बजे शुरू होगी और 25 जुलाई को रात 12.41 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार 24 जुलाई को हरियाली अमावस्या मनाई जाएगी।
शुभ मुहूर्त-
- स्नान-दान मुहूर्त: 4:15 AM से 4:57 AM तक
- अभिजीत मुहूर्त: 12:00 PM से 12:55 PM तक
- अमृत काल: 2:26 PM से 3:58 PM तक
- सर्वार्थ सिद्धि योग: पूरे दिन उपलब्ध
हरियाली अमावस्या पूजा सामग्री (Hariyali Amavasya Puja Samagri)
- बेलपत्र
- चंदन
- रोली
- शहद
- दही
- दीपक
- पूजा के बर्तन
- देसी घी
- धतूरा
- फूल
- गंगाजल और स्वच्छ जल
- मिठाई
- शमी का फूल
- दूध
- सुपारी
- चावल
हरियाली अमावस्या पूजा विधि (Hariyali Amavasya Puja Vidhi)
हरियाली अमावस्या के दिन सबसे पहले सुबह उठकर स्नान करें। इसके बाद साफ कपड़े पहनें। फिर घर में गंगाजल छिड़कें। फिर पूजा स्थल पर सारी पूजन सामग्री एकत्रित करें। इसके बाद एक चौकी रखें और उस पर भगवान शिव और माता पार्वती की मूर्ति रखें। इसके बाद विधि-विधान से महादेव का अभिषेक करें। फिर धीरे-धीरे भगवान शिव को फल, फूल, धूप और मिठाई अर्पित करें। इस दौरान घी का दीपक भी जलाएं। इसके बाद शिव चालीसा का पाठ करें।
