Bhagyonnati Mantra for Good Luck: धन, यश और संपत्ति की इच्छा हर व्यक्ति को होती है और इसके लिए वह खूब मेहनत भी करता है। लेकिन कभी-कभी मेहनत के अनुरूप फल नहीं मिल पाता है। इसका कारण यह है कि कुछ चीजें भाग्य पर निर्भर होती है। हम जब किसी कार्य में विफल होते हैं तो हमारे बड़े-बुजुर्ग हमें यही कहकर सात्वंना देते हैं कि ‘सब कुछ भाग्य पर छोड़ दो’। यह काफी हद तक सही भी है। ऐसी स्थिति में आप चाहे जितनी भी मेहनत क्यों न कर लें, लेकिन जब तक आपका भाग्य आपके साथ नहीं होगा आपको किसी कार्य में सफलता नहीं मिलेगी और ना ही परेशानियों से मुक्ति मिलेगी। इसके लिए शास्त्रों में कुछ विशेष और प्रभावी मंत्रों के बारे में बताया गया है, जिसके जाप मात्र से कई समस्याएं दूर हो जाती हैं।
सनातन हिंदू धर्म में मंत्रों का विशेष महत्व रहा है। केवल पूजा-पाठ ही नहीं बल्कि ध्यान, चितंन और मनोकामना पूर्ति के लिए भी मंत्रों को महत्वपूर्ण माना गया है। लेकिन ज्योतिष में एक ऐसे मंत्र के बारे में बताया गया है, जिसके जाप से आपका भाग्य बदल जाएगा। इसलिए इसे भाग्य को जगाने वाला अर्थात् भाग्यनोत्ति मंत्र कहा जाता है। जानते हैं इस चमत्कारी मंत्र और इसके जाप की विधि के बारे में।
भाग्यनोत्ति मंत्र- ‘ॐ ऐं श्रीं भाग्योदयं कुरु कुरु श्रीं ऐं फट् ।।’
कैसे करें भाग्यनोत्ति मंत्र का जाप
सोने से पहले हाथ-पैर धोकर आसन पर बैठ जाएं और इस मंत्र का जाप करें।
मंत्र का जाप कम से कम 11 बार जरूर करें। इसके बाद आप अपनी इच्छानुसार 21, 51 या 108 बार भी जाप कर सकते हैं।
मंत्र का असर तब ही होता है जब आप लगातार 21 दिनों कर इसका जाप विधिपूर्वक करेंगे।
ज्योतिष शास्त्र में इस मंत्र को बहुत ही चमत्कारी मंत्र कहा गया है। यदि आप नियमित और विधिवत रूप से इस मंत्र का जाप करेंगे तो जीवन में सुख-शांति और सकारात्मकता का प्रवाह बढ़ेगा और जीवन से जुड़ी परेशानियां दूर होती है।
डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।
