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Gangaur Puja Time 2026: आज कितने बजे होगी गणगौर की पूजा, यहां से नोट करें गणगौर की पूजा का शुभ मुहूर्त

Gangaur Puja Time 2026: चैत्र शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि गणगौर पर्व का आखिरी दिन होता है। इस दिन महिलाएं गण यानी भगवान शिव और गौर मतलब माता पार्वती की विधि विधान पूजा करती हैं। तो यहां से आप जान सकते हैं कि आज गणगौर की पूजा कितने बजे होगी, इसका सही समय क्या है।

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गणगौर 2026 पूजा का समय (pc: canva)

Gangaur Puja Time 2026: गणगौर पर्व वैसे तो 18 दिनों तक चलता है लेकिन इस पर्व का अंतिम दिन ही सबसे मुख्य होता है। जिस दिन गणगौर का विसर्जन किया जाता है। आज गणगौर की पूजा का शुभ दिन है। आज के दिन महिलाएं शिव और पार्वती की मिट्टी की प्रतिमाएं बनाती हैं और उन्हें सुंदर कपड़े पहनाती हैं। फिर इन प्रतिमाओं की विधि विधान पूजा होती है। बता दें कि आज तृतीया तिथि का प्रारम्भ 02:30 AM पर हुआ है और इसका समापन 21 मार्च 2026 को 11:56 PM पर होगा। तो ऐसे में आज गणगौर की पूजा कितने बजे होगी, ये आप यहां से जान सकते हैं।

गणगौर की पूजा का शुभ समय क्या है?

गणगौर की पूजा आज यानी 21 मार्च की सुबह 7 बजकर 55 मिनट से 9 बजकर 26 मिनट तक है।

गणगौर शुभ मुहूर्त 2026-

ब्रह्म मुहूर्त - 05:07 AM से 05:54 AM

प्रातः सन्ध्या - 05:31 AM से 06:42 AM

अभिजित मुहूर्त - 12:21 PM से 01:10 PM

गोधूलि मुहूर्त - 06:48 PM से 07:12 PM

सायाह्न सन्ध्या - 06:50 PM से 08:01 PM

अमृत काल - 05:58 PM से 07:27 PM

गणगौर की पूजा के समय क्या बोलना चाहिए?

गणगौर माता को पानी पिलाते समय दोहे के रूप में पति का नाम लिया जाता है। इन दोहो को बोलते समय आपको पिया जी के स्थान पर अपने पति का नाम लेना है।

(यहां जिस परिवार की बहूं हैं उस परिवार का नाम लें) जैसे चौधरी परिवार की बहू हूं मैं और (मधु) है मेरा नाम

पिया जी हैं मेरे पति परमेश्वर, जोधपुर ही है मेरे चारों धाम।

(अपना, अपने पति का और अपने शहर का नाम लें )

गणगौर की पूजा करते गणगौर को पानी पिलाने के दोहे-

  • एक दूनी दो, दो दूनी चार, पिया जी को हो गया मुझसे प्यार।
  • खेत, खेत में क्यारी मैं अपने पिया जी की प्यारी।
  • गोरा के मन में है, ईसर, राधा के मन में श्याम
  • जो मेरे मन को भावे पिया जी है उनका नाम।
  • किसी को वाइट पसंद है, किसी को लाइट पसंद है
  • मुझे तो पिया जी की हाइट पसंद है।
  • 32,000 की बग्गी मेरी, 40000 का घोड़ा
  • पिया जी के लिए मैंने उज्जैन (जिस शहर से हैं आप उसका नाम लेना है) शहर छोड़ा।

गणगौर के दोहे-

  • कटोरे में कटोरा, कटोरे में घेवर
  • पिया जी मेरी भाभी के देवर।
  • लाल मिर्च खाते नहीं, हरी मिर्च लाते नहीं
  • पिया जी मुझे लिए बगैर कहीं जाते नहीं।
  • बगीचे में क्यारी, क्यारी में पानी,
  • पिया जी मेरे राजा, मैं पिया जी की रानी।
  • सोने के कड़े में हीरे जड़े
  • पीछे पलट के देखा तो पिया जी खड़े।
  • इमली खाऊ, खट्टी -मीठी और मैं खाऊं बोर
  • पिया जी है ईसर मेरे,मैं उनकी गणगौर।
  • गागर में सागर, सागर में पानी
  • पिया जी नहीं घर पर ,तो नींद कैसे आनी।
  • आपकी मुस्कुराहट ने ऐसा अटैक किया
  • पिया जी आपको सिलेक्ट किया,बाकी सब को रिजेक्ट किया
  • मस्तक पर तिलक, गले में हार है
  • मुझे पिया जी से पिया जी को मुझसे प्यार है।
  • वह है दीपक मैं उनकी बाती
  • हर जन्म में हो पिया जी मेरे जीवन साथी।
  • कमरे में अलमारी ,अलमारी में नोटों की थप्पी
  • पिया जी ने चुपके से ले ली मेरी पप्पी।

गणगौर के पिया जी के लिए दोहे-

  • 1234567 पिया जी है मेरे heaven
  • चप्पल पहनु बाटा ,साड़ी पहनु कोटा
  • पिया जी जाए बाहर, तो मैं करूं टाटा।
  • फागुन का महीना और गुलाबी रंग
  • पिया जी का और मेरा जीवन भर का संग।
  • मीरा ने पीया विष का प्याला, राधा ने श्याम को मदहोश कर डाला
  • गौरी ने पहनाई शिव को माला, गणगौर पूजा से मुझे मिला
  • पियाजी जैसा दिलवाला।

गणगौर की पूजा के समय गणगौर के इन दोहों के बिना परिवार अधूरा सा लगता है। महिलाएं एक साथ मिलकर गणगौर की पूजा करती हैं और इन दोहों को मजेदार तरीके से कहती हैं।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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