अध्यात्म

Gangaur 2023 Aarti: म्हारी डूंगर चढती सी बेलन जी, गणगौर माता की आरती लिरिक्स हिंदी में यहां देखें

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Mar 24, 2023, 08:08 AM IST

Gangaur 2023 Aarti Lyrics In Hindi (Gangaur Mata Ki Aarti): गणगौर व्रत चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन (Chaitra Navratri Day 3) यानी चैत्र शुक्ल तृतीया को रखा जाता है। इसे गौरी तृतीया और गणगौर तीज के नाम से भी जाना जाता है। जानें गणगौर माता की आरती (Gangour Mata Ki Aarti)।

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Gangaur Aarti: गणगौर की आरती

Gangaur 2023 Aarti Lyrics In Hindi (Gangaur Mata Ki Aarti): गणगौर तीज यानी गौरी तृतीया का व्रत स्त्रियों के लिए बेहद खास होता है। शादीशुदा महिलाएं इस व्रत को अपने पति की लंबी उम्र के लिए रखती हैं वहीं कुंवारी कन्याएं मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए। हर साल ये व्रत चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन (Chaitra Navratri 3rd Day) पड़ता है। ये व्रत माता गौरी और भगवान शिव को समर्पित है। इस दिन गणगौर माता को प्रसन्न करने के लिए आरती जरूर करें। जानिए गणगौर पूजा की आरती।

गणगौर माता की आरती (Gangaur Mata Ki Aarti)

म्हारी डूंगर चढती सी बेलन जी

म्हारी मालण फुलडा से लाय |

सूरज जी थाको आरत्यों जी

चन्द्रमा जी थाको आरत्यो जी |

ब्रह्मा जी थाको आरत्यो जी

ईसर जी थाको आरत्यो जी

थाका आरतिया में आदर मेलु पादर मेलू

पान की पचास मेलू

पीली पीली मोहरा मेलू , रुपया मेलू

डेड सौ सुपारी मेलू , मोतीडा रा आखा मेलू

राजा जी रो सुवो मेलू , राणी जी री कोयल मेलू

करो न भाया की बहना आरत्यो जी

करो न सायब की गौरी आरत्यो जी

मां पार्वती जी की आरती (Gangaur 2023 Maa Parvati Ji Ki Aarti)

जय पार्वती माता जय पार्वती माता

ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल कदा दाता।

जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता

जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुण गाता।

जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

सिंह को वाहन साजे कुंडल है साथा

देव वधु जहं गावत नृत्य कर ताथा।

जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

सतयुग शील सुसुन्दर नाम सती कहलाता

हेमांचल घर जन्मी सखियन रंगराता।

जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

शुम्भ निशुम्भ विदारे हेमांचल स्याता

सहस भुजा तनु धरिके चक्र लियो हाथा।

जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

सृष्टि रूप तुही जननी शिव संग रंगराता

नंदी भृंगी बीन लाही सारा मदमाता।

जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

देवन अरज करत हम चित को लाता

गावत दे दे ताली मन में रंगराता।

जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

श्री प्रताप आरती मैया की जो कोई गाता

सदा सुखी रहता सुख संपति पाता।

जय पार्वती माता मैया जय पार्वती माता।

मां गौरी की आरती (Maa Gauri Aarti Lyrics, Jai Ambe Gauri)

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी

तुमको निशिदिन ध्यावत, तुमको निशिदिन ध्यावत

हरि ब्रह्मा शिवरी ॐ जय अम्बे गौरी

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी

तुमको निशिदिन ध्यावत, तुमको निशिदिन ध्यावत

हरि ब्रह्मा शिवरी ॐ जय अम्बे गौरी

माँग सिन्दूर विराजत, टीको जगमग तो

उज्जवल से दो‌ नैना, चन्द्रवदन नीको

ॐ जय अम्बे गौरी

कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै

रक्तपुष्प गल माला, कण्ठन पर साजै

ॐ जय अम्बे गौरी

केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्परधारी

सुर-नर-मुनि-जन सेवत, तिनके दुखहारी

ॐ जय अम्बे गौरी

कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती

कोटिक चन्द्र दिवाकर, सम राजत ज्योति

ॐ जय अम्बे गौरी

शुम्भ-निशुम्भ बिदारे, महिषासुर घाती

धूम्र विलोचन नैना, निशिदिन मदमाती

ॐ जय अम्बे गौरी

चण्ड-मुण्ड संहारे, शोणित बीज हरे

मधु-कैटभ दो‌उ मारे, सुर भयहीन करे

ॐ जय अम्बे गौरी

ब्रहमाणी रुद्राणी तुम कमला रानी

आगम-निगम बखानी, तुम शिव पटरानी

ॐ जय अम्बे गौरी

चौंसठ योगिनी गावत, नृत्य करत भैरव

बाजत ताल मृदंगा, और बाजत डमरु

ॐ जय अम्बे गौरी

तुम ही जग की माता, तुम ही हो भरता

भक्तन की दु:ख हरता, सुख सम्पत्ति करता

ॐ जय अम्बे गौरी

भुजा चार अति शोभित, वर-मुद्रा धारी

मनवान्छित फल पावत, सेवत नर-नारी

ॐ जय अम्बे गौरी

कन्चन थाल विराजत, अगर कपूर बाती

श्रीमालकेतु में राजत, कोटि रतन ज्योति

ॐ जय अम्बे गौरी

श्री अम्बेजी की आरती, जो को‌ई नर गावै

कहत शिवानन्द स्वामी, सुख सम्पत्ति पावै

ॐ जय अम्बे गौरी

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी

तुमको निशिदिन ध्यावत, तुमको निशिदिन ध्यावत

हरि ब्रह्मा शिवरी ॐ जय अम्बे गौरी

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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