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Ganesh Ji Ki Kahani: बुधवार के दिन जरूर पढ़ें गणेश जी की कहानी, हर मनोकामना होगी पूरी

Ganesh Ji Ki Kahani (Budhwar Vrat Katha): बुधवार व्रत रखने से भगवान गणेश की विशेष कृपा प्राप्त होती है। ये व्रत जीवन में सुख-समृद्धि लाता है। व्रत की पूजा के समय गणेश जी की ये कहानी पढ़ना बिल्कुल भी न भूलें।

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Ganesh Ji Ki Kahani In Hindi

Ganesh Ji Ki Kahani (Budhwar Vrat Katha): बुधवार का दिन भगवान गणेश की कृपा पाने के लिए खास माना गया है। मान्यता है जो व्यक्ति सच्चे दिल से बुधवार का व्रत करता है और विधि विधान गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना करता है उसके जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। बुधवार व्रत जीवन में सुख-समृद्धि और धन-दौलत लाता है। ये व्रत धन प्राप्ति के रास्ते खोलता है और सारे बिगड़े काम बनाता है। बुधवार व्रत में गणपति बप्पा की पूजा करने के बाद इस व्रत कथा को जरूर पढ़ें। गणेश जी की कहानी पढ़ने से व्रत का पूर्ण फल प्राप्त हो जाता है। जानिए बुधवार व्रत की कहानी (Budhwar Vrat Ki Kahani)।

बुधवार व्रत की कथा (Budhwar Vrat Ki Katha)

पौराणिक कथा अनुसार एक बुढ़िया माई रोज मिट्टी के गणेश जी की पूजा करती थी। लेकिन वो रोज गणेश की की प्रतिमा बनाए और वो रोज ही गल जाए। उसके घर के सामने एक बार किसी सेठजी का मकान बन रहा था। बुढ़िया माई ने मकान बनाने वाला कारीगरों से बोला- ' भाई। मेरे मिट्टी के बनाए गणेशजी रोज गल जाते हैं। आप मुझे पूजा के लिए पत्थर से एक गणेशजी बना दो, आप कृपा होगी।'

मकान बनाने वाला कारीगर बोला- माई! जितनी देर में हम तुम्हारे लिए गणेश जी बनाएंगे उतनी देर में हम दीवार पूरी कर देंगे। बुढ़िया ये सुनकर दुखी मन से घर वापिस आ गई। दीवार पूरी करते- करते शाम हो गई लेकिन दीवार पूरी न हो सकी। कारीगर जितनी बार दीवार बनाएं उतनी बार वो टेढ़ी हो जाए।

शाम को सेठजी आए तो उन्होंने कहा आज कुछ काम नहीं किया? तब मकान बनाने वाला एक कारीगर सेठजी के पास गया और उसने बुढ़िया वाली बात बताई। तब सेठजी ने बुढ़िया माई के घर गए और उनसे कहा कि माई! तुम हमारी दिवार सीधी कर दो हम तुम्हें एक सोने के गणेश जी बनवाकर दे देंगे। गणेश जी ने ये सुनते ही सेठ जी की दीवार सीधी कर दी। सेठी जी ने बुढ़िया को सोने के गणेश जी बनवा कर दिए।

हे बिन्दायक जी महाराज! जैसे आपने सेठ जी की दीवार सीधी करी वैसे ही हमारे भी सभी कार्य सीधे करना।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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