Ganesh Ji Ke Aarti: चैत्र नवरात्रि की शुरुआत आज यानि 9 अप्रैल से हो गई है। नवरात्रि के दौरान मां देवी के नौ रूपों की खास पूजा- अर्चना की जाती है। इस दिन माता की पूजा के साथ- साथ भगवान गणेश की भी पूजा की जाती है। किसी भी पूजा को शुरू करने से पहले भगवान गणेश का ध्यान किया जाता है। पूजा के दौरान गणेश जी की आरती करना शुभ माना जाता है। ऐसे में आइए यहां पढ़ें गणेश जी की आरती लिरिक्स हिंदी में।
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥
एक दंत दयावंत,
चार भुजा धारी ।
माथे सिंदूर सोहे,
मूसे की सवारी ॥
जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥
पान चढ़े फल चढ़े,
और चढ़े मेवा ।
लड्डुअन का भोग लगे,
संत करें सेवा ॥
जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥
अंधन को आंख देत,
कोढ़िन को काया ।
बांझन को पुत्र देत,
निर्धन को माया ॥
जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥
'सूर' श्याम शरण आए,
सफल कीजे सेवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥
जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥
