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Dussehra 2024 Arti and Mantra: दशहरा पूजा के मंत्र और आरती लिरिक्स यहां देखें

Dussehra (Vijayadashami) 2024 Arti & Mantra Lyrics in Hindi: भारत में दशहरा का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन भगवान राम की पूजा होती है और फिर शाम के समय शुभ मुहूर्त में रावण के पुतले का दहन किया जाता है। चलिए आपको बताते हैं दशहरा पूजा की आरती और मंत्र।

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Dussehra 2024 Arti and Mantra

Dussehra (Vijayadashami) 2024 Arti & Mantra Lyrics in Hindi (दशहरा पूजा मंत्र): धार्मिक मान्यताओं अनुसार दशहरा के दिन भगवान राम ने 10 सिर वाले राक्षस रावण का वध किया था। इसलिए ही इस शुभ दिन पर हर साल रावण के 10 सिर वाले पुतले को जलाया जाता है। रावण के 10 सिर वासना, क्रोध, नशा, ईर्ष्या, लोभ, भ्रम, अमानवीयता, स्वार्थ, अन्याय और अहंकार के प्रतीक माने जाते हैं। दशहरा पर रावण दहन करने से पहले राम जी की पूजा की जाती है। चलिए आपको बताते हैं दशहरा की आरती और मंत्र लिरिक्स।

दशहरा की आरती (Dussehra Ki Aarti)

श्री राम चंद्र कृपालु भजमन हरण भव भय दारुणम्।

नवकंज लोचन कंज मुखकर, कंज पद कन्जारुणम्।।

कंदर्प अगणित अमित छवी नव नील नीरज सुन्दरम्।

पट्पीत मानहु तडित रूचि शुचि नौमी जनक सुतावरम्।।

भजु दीन बंधु दिनेश दानव दैत्य वंश निकंदनम्।

रघुनंद आनंद कंद कौशल चंद दशरथ नन्दनम्।।

सिर मुकुट कुण्डल तिलक चारु उदारू अंग विभूषणं।

आजानु भुज शर चाप धर संग्राम जित खर-धूषणं।।

इति वदति तुलसीदास शंकर शेष मुनि मन रंजनम्।

मम ह्रदय कुंज निवास कुरु कामादी खल दल गंजनम्।।

मनु जाहिं राचेऊ मिलिहि सो बरु सहज सुंदर सावरों।

करुना निधान सुजान सिलू सनेहू जानत रावरो।।

एही भांती गौरी असीस सुनी सिय सहित हिय हरषी अली।

तुलसी भवानी पूजि पूनी पूनी मुदित मन मंदिर चली।।

दोहा- जानि गौरी अनुकूल सिय हिय हरषु न जाइ कहि।

मंजुल मंगल मूल वाम अंग फरकन लगे।।

दशहरा पूजा मंत्र (Dussehra Puja Mantra)

-राम रामाय नम

-ॐ अपराजितायै नम

-पवन तनय बल पवन समाना, बुद्धि विवेक विज्ञान निधाना

कवन सो काज कठिन जग माहि, जो नहीं होत तात तुम पाहि ॥

-रामाय रामभद्राय रामचन्द्राय वेधसे, रघुनाथाय नाथाय सीताया: पतये नमः ||

-ॐ क्लीं नमो भगवते रामचन्द्राय सकलजन वश्यकराय स्वाह: ||

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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