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Diwali Me Dhan Ki Potli Kaise Banaye: दिवाली पर धन की पोटली कैसे बनाएं? जानें इस पोटली में क्या-क्या रखा जाता है

Diwali Me Dhan Ki Potli Kaise Banaye (दिवाली पर धन की पोटली कैसे बनाएं): दिवाली के दिन मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए धन लक्ष्मी पोटली बनाई जाती है। इस पोटली में क्या-क्या सामान रखा जाता है और इसे किस तरह तैयार किया जाता है ये आप यहां से जान सकते हैं।

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दिवाली पर धन की पोटली कैसे बनाएं (pic credit: iStock)

Diwali Me Dhan Ki Potli Kaise Banaye (दिवाली पर धन की पोटली कैसे बनाएं): दिवाली पर धन पोटली बनाना एक शुभ और परंपरागत मान्यता है। ये घर में धन, समृद्धि और सौभाग्य को आकर्षित करने के लिए बनाया जाता है। माना जाता है कि अगर आप धन पोटली बनाकर पूजन स्थल पर रखते हैं, तो माता लक्ष्मी उस पोटली में स्थायी रूप से निवास करती हैं और घर में धन और समृद्धि का वास होता है। इस धन की पोटली को कैसे बनाया जाता है, इसके बारे में यहां बताया गया है। साथ ही यहां बताया गया है कि धन लक्ष्मी पोटली में क्या-क्या सामान पड़ता है।

दिवाली की धन पोटली बनाने की सामग्री-

  • लाल कपड़ा
  • पीली सरसों
  • 5 कौड़ियां
  • अक्षत
  • कुमकुम
  • 2 कमल गट्टा
  • कलावा
  • 5 इलायची
  • चांदी का सिक्का
  • 500 का नोट
  • धनिया
  • 5 लौंग
  • 1 सुपारी
  • 1 हल्दी साबुत
  • 5 गोमती चक्र

दिवाली की धन पोटली बनाने की विधि-

धन की पोटली बनाने के लिए सबसे पहले अपने हाथ और पोटली बनाने की सामग्री को साफ कर लें। उत्तर दिशा या पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें, और शुद्ध स्थान पर पोटली बनाना आरंभ करें। लाल या पीला स्वच्छ कपड़ा लें (चौकोर आकार में) और उसे सामने रखें। अब इसमें सारे सामान रख दें। सारी सामग्री को कपड़े में इकट्ठा करके ऊपर से एक छोटी रेशमी डोरी से बाँध लें। ध्यान रहे कि पोटली मजबूती से बँधी हो। इस धन पोटली को लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों के पास रखें और विधिपूर्वक पूजा करें। पूजा के बाद इसे अपनी तिजोरी में रखें।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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