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Diwali 2022 Date, Puja Muhurat: इस शुभ मुहूर्त में करें दिवाली पूजा, मां लक्ष्मी होंगी प्रसन्न

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  • Updated Oct 24, 2022, 05:54 PM IST

Diwali 2022 Date, Time, Puja Muhurat in India (दिवाली कब है 2022 में): दिवाली या दीपावली हिंदू धर्म का एक बड़ा और प्रमुख त्योहार है। इस पर्व को दीप उत्सव के नाम से भी जाना जाता है।

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When is Diwali in 2022? दिवाली इस बार 24 अक्टूबर को मनाई जाएगी।

KEY HIGHLIGHTS
  • कार्तिक अमावस्या के दिन दिवाली का त्योहार मनाया जाता है।
  • इस दिन माता लक्ष्मी की विशेष रूप से पूजा होती है।
  • इस बार दिवाली 24 अक्टूबर दिन सोमवार को पड़ रही है।

Diwali 2022 Date, Time, Puja Muhurat in India: दीपों का पर्व दीपावली इस साल 24 अक्टूबर को मनाया जाएगा। ये हिन्दू धर्म का सबसे बड़ा और प्रसिद्ध त्यौहार है। ये पर्व बेहद ही जोश और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस पर्व की शुरुआत धनतेरस से हो जाती है। हिंदू पंचांग अनुसार ये पर्व कार्तिक मास की अमावस्या के दिन मनाया जाता है। जानिए इस दिवाली लक्ष्मी पूजा का क्या रहेगा शुभ मुहूर्त।

दिवाली 2022 लक्ष्मी पूजा शुभ मुहूर्त (Diwali 2022 Laxmi Puja Muhurat)

अमावस्या तिथि प्रारम्भ 24 अक्टूबर को 05:27 PM बजे

अमावस्या तिथि समाप्त 25 अक्टूबर को 04:18 PM बजे

दिवाली पूजा का शुभ मुहूर्त 06:44 PM से 08:05 PM

दिवाली शुभ चौघड़िया मुहूर्त:

सायंकाल मुहूर्त्त (अमृत, चल) शाम 05:29 से 07:18 तक

रात्रि मुहूर्त्त (लाभ) रात 10:29 से रात 12:05 तक

दिवाली का धार्मिक महत्व: दीपावली पर भगवान श्रीगणेश और माता लक्ष्मी की नव स्थापित प्रतिमाओं का पूजन किया जाता है। इस दिन बहि-खाता पूजा करने की भी परंपरा है। दिवाली का त्योहार 5 दिनों तक मनाया जाता है जिसकी शुरुआत धनतेरस से हो जाती है और भाई दूज के साथ दिवाली की समाप्ति होती है। इस दिन लोग अपने घरों में दीपक जलाते हैं। दीपावली की रात में प्रज्जवलित होने वाले दीपक अमावस्या की अंधेरी रात को प्रकाशमय कर देते है। इस त्यौहार से जुड़ी ऐसी मान्यता है कि इस दिन देवी लक्ष्मी अपने भक्तों के घर पर पधारती हैं।

दीपावली की पूजा विधि: पूजा स्थल पर चौकी स्थापित करें और उस पर लाल कपड़ा बिछाएं। चौकी पर माँ लक्ष्मी, देवी सरस्वती और भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित करें। दीपक प्रज्जवलित करें व रात भर दीपक जलाकर रखें। गणेशजी की मूर्ति पर रोली व अक्षत का तिलक करें। गणेश जी के बाद लक्ष्मी पूजन करें। भगवान को गंध, फूल, धूप और मिठाई अर्पित करें। अंत में देवी लक्ष्मी की आरती करें।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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