Dhanvantari Ji Ki Aarti: धन तेरस को आयुर्वेद के देवता धन्वंतरि की जयंती के रूप में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं अनुसार इस दिन समुद्र मंथन से भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसलिए इस दिन इनकी पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि धनतेरस के दिन इनकी पूजा करने से घर में धन के भंडार हमेशा भरे रहते हैं। इस दिन माता लक्ष्मी, कुबेर देवता के साथ इनकी पूजा-अर्चना भी जरूर करें। साथ ही पूजा के समय इस आरती को करना बिल्कुल भी न भूलें।
Lord Dhanvantari Aarti
ॐ जय धन्वन्तरि देवा, स्वामी जय धन्वन्तरि जी देवा।
जरा-रोग से पीड़ित, जन-जन सुख देवा।।
स्वामी जय धन्वन्तरि देवा, ॐ जय धन्वन्तरि जी देवा ॥
तुम समुद्र से निकले, अमृत कलश लिए।
देवासुर के संकट आकर दूर किए।।
स्वामी जय धन्वन्तरि देवा, ॐ जय धन्वन्तरि जी देवा॥
आयुर्वेद बनाया, जग में फैलाया।
सदा स्वस्थ रहने का, साधन बतलाया।।
स्वामी जय धन्वन्तरि देवा, ॐ जय धन्वन्तरि जी देवा॥
भुजा चार अति सुंदर, शंख सुधा धारी।
आयुर्वेद वनस्पति से शोभा भारी।।
स्वामी जय धन्वन्तरि देवा, ॐ जय धन्वन्तरि जी देवा॥
तुम को जो नित ध्यावे, रोग नहीं आवे।
असाध्य रोग भी उसका, निश्चय मिट जावे।।
स्वामी जय धन्वन्तरि देवा, ॐ जय धन्वन्तरि जी देवा॥
हाथ जोड़कर प्रभुजी, दास खड़ा तेरा।
वैद्य-समाज तुम्हारे चरणों का घेरा।।
स्वामी जय धन्वन्तरि देवा, ॐ जय धन्वन्तरि जी देवा॥
धन्वंतरिजी की आरती जो कोई नर गावे।
रोग-शोक न आए, सुख-समृद्धि पावे।।
स्वामी जय धन्वन्तरि देवा, ॐजय धन्वन्तरि जी देवा॥
धनतेरस पूजा: इस दिन भगवान कुबेर, भगवान धन्वंतरि और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। इसलिए पूजा के समय इन तीनों देवी-देवताओं की आरती जरूर करें।
