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Dhanvantari Ji Ki Aarti, Dhanteras Aarti: भगवान धन्वन्तरि जी की आरती हिंदी में यहां

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  • Updated Oct 23, 2022, 06:09 PM IST

Dhanvantari Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi, Om Jai Dhanvantari Deva Ki Aarti Lyrics In Hindi: धनतेरस वाले दिन भगवान धन्वन्तरि की पूजा की जाती है। यहां जानें इनकी आरती।

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भगवान धन्वन्तरि जी की आरती

Dhanvantari Ji Ki Aarti: धन तेरस को आयुर्वेद के देवता धन्वंतरि की जयंती के रूप में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं अनुसार इस दिन समुद्र मंथन से भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसलिए इस दिन इनकी पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि धनतेरस के दिन इनकी पूजा करने से घर में धन के भंडार हमेशा भरे रहते हैं। इस दिन माता लक्ष्मी, कुबेर देवता के साथ इनकी पूजा-अर्चना भी जरूर करें। साथ ही पूजा के समय इस आरती को करना बिल्कुल भी न भूलें।

Lord Dhanvantari Aarti

ॐ जय धन्वन्तरि देवा, स्वामी जय धन्वन्तरि जी देवा।

जरा-रोग से पीड़ित, जन-जन सुख देवा।।

स्वामी जय धन्वन्तरि देवा, ॐ जय धन्वन्तरि जी देवा ॥

तुम समुद्र से निकले, अमृत कलश लिए।

देवासुर के संकट आकर दूर किए।।

स्वामी जय धन्वन्तरि देवा, ॐ जय धन्वन्तरि जी देवा॥

आयुर्वेद बनाया, जग में फैलाया।

सदा स्वस्थ रहने का, साधन बतलाया।।

स्वामी जय धन्वन्तरि देवा, ॐ जय धन्वन्तरि जी देवा॥

भुजा चार अति सुंदर, शंख सुधा धारी।

आयुर्वेद वनस्पति से शोभा भारी।।

स्वामी जय धन्वन्तरि देवा, ॐ जय धन्वन्तरि जी देवा॥

तुम को जो नित ध्यावे, रोग नहीं आवे।

असाध्य रोग भी उसका, निश्चय मिट जावे।।

स्वामी जय धन्वन्तरि देवा, ॐ जय धन्वन्तरि जी देवा॥

हाथ जोड़कर प्रभुजी, दास खड़ा तेरा।

वैद्य-समाज तुम्हारे चरणों का घेरा।।

स्वामी जय धन्वन्तरि देवा, ॐ जय धन्वन्तरि जी देवा॥

धन्वंतरिजी की आरती जो कोई नर गावे।

रोग-शोक न आए, सुख-समृद्धि पावे।।

स्वामी जय धन्वन्तरि देवा, ॐजय धन्वन्तरि जी देवा॥

धनतेरस पूजा: इस दिन भगवान कुबेर, भगवान धन्वंतरि और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। इसलिए पूजा के समय इन तीनों देवी-देवताओं की आरती जरूर करें।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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