Daan Tips: यूं तो दान करना सनातन धर्म में सर्वाधिक पुण्य का काम बताया गया है। सनातन धर्म के अनुयायियों में प्रसिद्ध दानी भी रहे हैं लेकिन बिना विचारे दान करने की प्रवृत्ति भारी नुकसान का कारण बन सकती है। पंडित पवन कुमार के अनुसार दान करना जितना पुण्यशाली है, उतना ही बिना सोच समझकर दान करना स्वयं के लिए विनाशकारी भी हो सकता है। पुराणाें में इसके उदाहरण भी हैं। जैसे दानवीर कर्ण। महाभारत में कर्ण को महान योद्धा होने के साथ महान दानी भी बताया गया है लेकिन दान की प्रवृत्ति होने के कारण वो स्वयं की मृत्यु का कारण भी बनता है। इसलिए दान करने से पहले विचार करना आवश्यक हो जाता है। इतना ही नहीं इन चीजों का दान लेने वाला भी नुकसान में रहता है।
काला तिल
काले तिल का संबंध राहु.केतु जैसे पापक ग्रहों के साथ शनि ग्रह से भी माना जाता है। काले तिल का दान आपको सेहत के लिहाज से भी नुकसान पहुंचा सकता है। साथ ही आर्थिक हानि भी हो सकती है।
माचिस
घर परिवार में बेवजह के झगड़े नहीं चाहते हैं तो कभी भी किसी को माचिस का दान न करें। इससे आपके परिवार की शांति भंग होती है और आपसी प्रेम कम होता है।
सरसों का तेल
सरसों के तेल का संबंध शनिदेव से माना गया है। शनिदेव को सरसों का तेल चढ़ाने की परम्परा है। शनि की साढ़ेसाती दूर करने के लिए सरसों का तेल दान में दिया जाता है। अगर आप बिना पैसे दिए सरसों का तेल किसी से लेते हैं तो यह आपको शनि के प्रकोप का शिकार बना सकता है।
लोहे का सामान
लोहे का सामान दान करने के कारण आप आर्थिक तंगी का शिकार हो सकते हैं। शारीरिक रूप से अस्वस्थ भी हो सकते हैं। इसके पीछे कारण लोहे में शनिदेव का वास होना बताया जाता है। और इसका दान करने से वो क्रोधित हो जाते हैं। इसी तरह लोहे का सामान किसी से दान में लेना भी नहीं चाहिए।
नमक
नमक का दान करने से शनि की साढ़ेसाती के आप शिकार हो सकते हैं। इतना ही नहीं नमक दान करने के कारण कर्जदार भी हो सकते हैं।
सुई
सुई का दान करना और लेना दोनों ही नुकसानदायक है। इससे घर की सुख शांति खत्म हो जाती है। दानकर्ता और प्राप्तकर्ता दोनों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
