अध्यात्म

Navratri Ghat Sthapana Vidhi: नवरात्रि में घट स्थापना कैसे की जाती है? यहां जानिए पूरी विधि विस्तार से

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Apr 9, 2024, 09:18 AM IST

Navaratri Kalash Sthapana (Ghat Sthapana) Puja Vidhi, Samagri List And Muhurat In Hindi: नवरात्रि में कलश स्थापना का विशेष महत्व माना जाता है। जिसके लिए शुभ मुहूर्त देखा जाता है। यहां आप जानेंगे नवरात्रि कलश स्थापना की पूजा विधि, पूजा सामग्री, शुभ मुहूर्त और नियम।

Image

Kalash Sthapana Vidhi

Navaratri 2024 Ghat Sthapana (Kalash Sthapana) Puja Vidhi, Samagri List, Muhurat, Timings: घटस्थापना, नवरात्रि के समय किये जाने महत्वपूर्ण अनुष्ठानों में से एक माना जाता है। जिसके लिए शुभ मुहूर्त निकाला जाता है। प्रतिपदा तिथि के दिन का पहला एक तिहायी भाग घटस्थापना करने के लिए सबसे शुभ माना जाता है। लेकिन अगर किसी कारण इस मुहूर्त में घटस्थापना न कर सकें तब अभिजित मुहूर्त में घटस्थापना की जा सकती है। इस साल चैत्र नवरात्रि घटस्थापना का शुभ मुहूर्त 9 अप्रैल की सुबह 06:02 AM से 10:16 AM तक और इसके बाद 11:57 AM से 12:48 PM तक रहेगा। यहां आप जानेंगे कलश स्थापना की पूरी विधि विस्तार से।

नवरात्रि घटस्थापना पूजा सामग्री (Navratri Ghat Sthapana Puja Samagri)

लाल रंग का साफ वस्त्र, मिट्टी का बर्तन, जौ, मिट्टी, रोली, सुपारी, चावल, सिक्के, अशोक या आम के पांच पत्ते, नारियल, चुनरी, जल का कलश, इलायची, लौंग, कपूर, मौली और माता के श्रृंगार का समान, सिंदूर, फल, फूलों की माला।

नवरात्रि घटस्थापना विधि (Navratri Ghat Sthapana Vidhi)

  • घटस्थापना से पहले स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण कर लें।
  • फिर मंदिर की साफ सफाई करें और भगवान गणेश का नाम लेकर पूजन शुरू करें।
  • मां दुर्गा के नाम से अखंड ज्योति जलाएं।
  • ध्यान रखें कि अगर अखंड ज्योति जला रहे हैं तो वो पूरे 9 दिनों तक जलती रहनी चाहिए।
  • इसके बाद एक मिट्टी का बर्तन लें और उसमें मिट्टी डालें। फिर जौ डालें।
  • इसके बाद तांबे के लोटे पर रोली से स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं। उसके ऊपर मौली बांध दें।
  • फिर लोटे में पानी भर लें साथ में थोड़ा गंगाजल मिला लें।
  • इसके बाद लोटे में सवा रुपया, दूब, सुपारी, इत्र, और अक्षत यानी साबुत चावल भी डालें।
  • इसके बाद कलश में अशोक या आम के पत्ते सजा लें।
  • फिर नारियल को लाल कपड़े में लपेटकर उस पर मौली बांध दें और इसे कलश के ऊपर रख दें।
  • अब कलश को उस मिट्टी के बर्तन के बीचों बीच रख दें जिसमें आपने जौ बोया है।
  • इस तरह से कलश स्थापना की विधि पूरी हो जाएगी।

कलश स्थापना के नियम (Kalash Sthapana Ke Niyam)

सबसे पहले तो इस बात का ध्यान रखें कि नवरात्रि में घट स्थापना शुभ मुहूर्त देखकर ही की जानी चाहिए। रात में और अमावस्या के दिन घट स्थापना बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। गलत समय पर घटस्थापना करने से अशुभ फल प्राप्त हो सकते हैं।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

और पढ़ें
End of Article