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Shaniwar Upay: शनिवार के दिन नाखून और बाल काटने समेत इन कार्यों की है मनाही

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 29, 2022, 01:21 PM IST

Shaniwar Upay: शनिवार का दिन हिंदू धर्म के लोगों के लिए बेहद खास होता है। इस दिन लोग शनि देव की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। जानिए इस दिन किन कार्यों को करने से शनि देव नाराज हो सकते हैं।

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शनिवार के दिन भूलकर भी न करें ये काम

Shaniwar Astro Tips: शनिवार का दिन बेहद खास माना जाता है। क्योंकि ये दिन भगवान हनुमान और शनि देव को समर्पित होता है। इस दिन बहुत से कार्य करने की मनाही होती है। खासतौर से जिन लोगों पर शनि साढ़े साती (Shani Sade Sati) और शनि ढैय्या (Shani Dhaiya) चल रही हो उन्हें तो भूलकर भी ये कार्य नहीं करने चाहिए। बता दें इस समय मिथुन और तुला वालों पर शनि ढैय्या है तो मकर, धनु और कुंभ वालों पर शनि साढ़े साती। जानिए नाखून और बाल काटने समेत शनिवार के दिन और कौन से कार्य नहीं करने चाहिए।

What Not To Do On Shaniwar

  • शनिवार के दिन मांस मदिरा का सेवन भूलकर भी न करें। इससे शनि ग्रह कमजोर होता है।
  • इस दिन तेल, लकड़ी, नमक, कोयला, लोहा या लोहे से बनी किसी भी वस्तु की खरीदारी न करें। अगर इन चीजों को दान करना है तो एक दिन पहले खरीदकर रख लें।
  • शनिवार के दिन पूव, उत्तर और ईशान दिशा में यात्रा करने से बचें। माना जाता है इन दिशाओं में शनिवार के दिन यात्रा लाभकारी साबित नहीं होती।
  • इस दिन भूलकर भी किसी महिला या कमजोर व्यक्ति का अपमान न करें। इससे शनि देव क्रोधित हो सकते हैं।
  • शनि देव के दिन खाने में तेल का इस्तेमाल करने से भी बचें।
  • शनिवार के दिन नाखून काटना और बाल कटवाना भी मना होता है।
  • शनिवार के दिन कई जगह लड़के को ससुराल नहीं भेजा जाता है।
शनिवार के दिन क्या करना चाहिए? शनि देव को प्रसन्न करने के लिए उनकी विशेष पूजा-अर्चना करनी चाहिए। शनि चालीसा का पाठ जरूर करना चाहिए। भगवान हनुमान की पूजा करनी चाहिए। कहते हैं बजरंगबली के भक्तों को शनि देव कभी परेशान नहीं करते। इसी के साथ शनिवार के दिन दान का भी विशेष महत्व माना जाता है।
लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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