Magical Mantra: कर्जों से हैं परेशान, कंगाली भी नहीं छोड़ रही पीछा? ये 3 चमत्कारी मंत्र दूर करेंगे समस्या

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 31, 2022, 02:27 PM IST

Magical Mantra: अक्सर कुछ लोगों के हाथ में पैसा आते ही घर के बाहर कर्जदारों की लाइन लग जाती है। ज्योतिषविदों का कहना है कि आर्थिक मोर्चे पर लाभ और कर्जों से राहत पाने के लिए मेहनत के साथ-साथ ईश्वर की उपासना भी बड़ी फलदायी होती है।

Magical Mantra: कर्जों से हैं परेशान, कंगाली भी नहीं छोड़ रही पीछा? ये 3 चमत्कारी मंत्र दूर करेंगे समस्या

Mantra For Debt Relief: कुछ लोग कड़ी मेहनत के बावजूद कर्जों के बोझ तले दबे रहते हैं। इनके सिर से कर्जों का बोझ कभी नहीं उतरता है। ऐसे लोग आर्थिक मोर्चे पर हमेशा कंगाली का सामना करते हैं। बैंक-बैलेंस हमेशा बिगड़ा रहता है। हाथ में पैसा आते ही घर के बाहर कर्जदारों की लाइन लग जाती है। ज्योतिषविदों का कहना है कि आर्थिक मोर्चे पर लाभ और कर्जों से राहत पाने के लिए मेहनत के साथ-साथ ईश्वर की उपासना भी बड़ी फलदायी होती है। ज्योतिष शास्त्र में तीन ऐसे मंत्रों का जिक्र है जिनका उच्चारण करने से आर्थिक संपन्नता खुद चलकर इंसान के द्वार आती है।

'ओम ह्रीं महालक्ष्मी च विद्महे विष्णुपत्नीं च धीमहि तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात् ह्रीं ओम'

कर्जों से मुक्ति के लिए माता लक्ष्मी का गायत्री मंत्र 'ओम ह्रीं महालक्ष्मी च विद्महे विष्णुपत्नीं च धीमहि तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात् ह्रीं ओम' बहुत ही फायदेमंद माना गया है। ऐसा कहते हैं कि इस मंत्र का 1008 बार जाप करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और जिस पर मां लक्ष्मी की अनुकंपा रहती है, वो जीवन में कभी परेशान नहीं रहते।

'ओम नमः शिवाय श्री प्रसादयति स्वाहा'

शास्त्रों में कर्जों से मुक्ति पाने के लिए भगवान शिव के 'ओम नमः शिवाय श्री प्रसादयति स्वाहा' मंत्र को भी बहुत प्रभावशाली माना गया है। शास्त्रों के जानकारों का कहना है कि इस मंत्र का विधिवत जाप कर्जों से राहत दिलाता है। भगवान शिव के चमत्कारी मंत्र का 1008 बार जाप करना चाहिए।

'ऊं श्रीं नमः श्रीकृष्णाय परिपूर्णतमाय स्वाहा'

 इसके अलावा आप सप्तदशाक्षर मंत्र 'ऊं श्रीं नमः श्रीकृष्णाय परिपूर्णतमाय स्वाहा' का भी जाप कर सकते हैं। धन प्राप्ति के लिए इस मंत्र को बहुत ही उत्तम माना गया है। जो लोग नियमित रूप से सप्तदशाक्षर मंत्र का जाप करते हैं, आर्थिक मोर्चे पर वे कभी तंगी का सामना नहीं करते हैं।

(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

End of Article