Sawan Shivratri 2022 Date, Puja Muhurat: कब है सावन शिवरात्रि 2022 और क्या है पूजा मुहूर्त, यहां देखें पूरी जानकारी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 13, 2022, 06:12 PM IST

Sawan Shivratri 2022 Date, Time, Puja Muhurat (सावन शिवरात्रि 2022 में कब है): हिंदू पंचांग के अनुसार सावन माह 14 जुलाई से है और 12 अगस्त तक रहेगा। इस मास में आने वाली शिवरात्रि का भी खास महत्व माना जाता है। जानें कब है सावन शिवरात्रि 2022 और क्या है पूजा मुहूर्त।

Sawan Shivratri 2022 Date, Puja Muhurat: कब है सावन शिवरात्रि 2022 और क्या है पूजा मुहूर्त, यहां देखें पूरी जानकारी

Sawan Shivratri 2022 Date, Time, Puja Muhurat: हिंदू धर्म में सावन का महीना भोलेनाथ को समर्पित किया गया है। यह महीना बेहद पवित्र माना जाता है। ऐसी मान्यता है, कि इस महीने में भोलेनाथ की सच्चे मन से यदि भक्ति करने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त हो सकती है। हिंदू पंचांग के अनुसार साल 2022 में सावन माह 14 जुलाई से प्रारंभ हो गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह महीना भोलेनाथ को बहुत प्रिय है। इसी के साथ ही सावन माह में पड़ने वाली शिवरात्रि का एक खास महत्व है। मान्यताओं के अनुसार सावन मास की शिवरात्रि को शिवलिंग पर जलाभिषेक करने से भोलेनाथ की कृपा की प्राप्ति होती है।

सावन शिवरात्रि 2022 कब है

हिंदू पंचांग के अनुसार सावन माह की चतुर्थी तिथि  26 जुलाई शाम 6 बजकर 46 मिनट से प्रारंभ होकर होगी। इस तिथि का समापन 27 जुलाई को रात्रि 9 बजकर 11 मिनट पर होगा। इसलिए सावन मास की शिवरात्रि व्रत 26 जुलाई को रखी जाएगी। पंचांग के अनुसार शिवरात्रि व्रत का पारण मुहूर्त 27 जुलाई की सुबह 8 बजकर 41 मिनट से लेकर दोपहर 3 बजकर 52 तक रहेगा।

Sawan Shivratri 2022 Date in India

  • सावन शिवरात्रि 2022 डेट : 26 जुलाई 
  • सावन शिवरात्रि 2022 तिथि प्रारंभ : 26 जुलाई शाम 6:46 मिनट से 
  • सावन शिवरात्रि 2022 तिथि समाप्त : 27 जुलाई रात्रि 9:11 मिनट पर


क्या है सावन शिवरात्रि की महिमा

शास्त्र के अनुसार अनुसार सावन माह में शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने से कुंवारी कन्याओं को मनोवांछित वर प्राप्त होता है। इस मौसम में हर जगह हर-हर महादेव की गूंज सुनाई देती हैं। कुछ लोग तो इस महीने में नंगे पांव चलकर भोलेनाथ को जल चढ़ाने जाते हैं। इस व्रत को करने वाले लोग इस दिन सुबह जल्दी उठकर नित्य क्रिया से निवृत्त होकर भोलेनाथ की पूजा अर्चना जल, दूध, दही, चीनी, शहद, बेलपत्र, गंगाजल और धतूरा से करते हैं। आपको बता दें भोलेनाथ के साथ-साथ मां पार्वती की पूजा करने से संपूर्ण फल की प्राप्ति होती हैं। 

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