Lord Shiv Mantra: महाशिवरात्रि 2022 की पूजा में करें इन मंत्रों का जाप, हमेशा बनी रहेगी भगवान आशुतोष की कृपा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 28, 2022, 08:08 PM IST

Lord shiv mantra: भोलेनाथ की पूजा में मंत्रों का उच्चारण करने से भगवान बहुत जल्द प्रसन्न होते हैं। यदि आप महाशिवरात्रि का व्रत करते हैं, तो यहां आप भोलेनाथ की असीम कृपा प्राप्त करने के लिए उनके मंत्र शुद्ध-शुद्ध देखकर पढ़ सकते हैं।

Lord Shiv Mantra: महाशिवरात्रि 2022 की पूजा में करें इन मंत्रों का जाप, हमेशा बनी रहेगी भगवान आशुतोष की कृपा

Mahashivratri 2022 Date, Tithi, Puja Muhurat And Lord Shiv Mantra: इस साल महाशिवरात्रि का व्रत 1 मार्च को रखा जाएगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहों के संयोग होने के कारण इस बार का महाशिवरात्रि बहुत खास है। शास्त्रों के अनुसार, इसी दिन त्रिलोकीनाथ का विवाह माता पार्वती के साथ हुआ था। भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करने से सभी विघ्न-बाधाएं दूर हो जाती हैं। ऐसी मान्यता है, कि भोलेनाथ की सच्चे मन से पूजा-अर्चना करने से भगवान व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं शीघ्र पूर्ण कर देते हैं। भोलेनाथ के मंत्रों को जाप उनके किसी भी पूजा में कर सकते हैं।

मान्यताओं के अनुसार, भोलेनाथ की उपासना करने से भक्तों की कभी पराजय नहीं होती है। भोलेनाथ का व्रत व्यक्ति के अंदर रोगों को प्रवेश नहीं करने देता है। धर्म के अनुसार, महाशिवरात्रि का व्रत रोग और शोक को दूर करता है। भोलेनाथ की पूजा भक्तों के आत्मबल को बढ़ाने का काम करता है। जिस घर में भोलेनाथ की पूजा प्रतिदिन सुबह-शाम श्रद्धा पूर्वक की जाती है, उस घर में नकारात्मक शक्तियों का वास नहीं होता है। 

महाशिवरात्रि के दिन भोलेनाथ के भक्त सुबह-सुबह नित्य क्रिया से निवृत्त होकर उनकी पूजा-अर्चना फूल, बेल पत्र, चंदन और जल चढ़ाकर करते हैं। महाशिवरात्रि के दिन भोलेनाथ की असीम कृपा पाना चाहते हैं, तो महाशिवरात्रि की पूजा में यहां बताएं गए मंत्रों का जाप जरूर करें। भोलेनाथ का मंत्र वातावरण को शुद्ध बनाने के साथ-साथ अंतरात्मा को भी पवित्र करता है। यदी आप महाशिवरात्रि का व्रत करते हैं या करने की सोच रहे हैं, तो यहां आप शिव मंत्र देखकर शुद्ध-शुद्ध पढ़ सकते है।

शिव मंत्र (Lord shiv mantra)

महामृत्युंजय मंत्र:

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।

उर्वारुकमिव बन्धनान मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

शिव जी का मूल मंत्र:

ऊँ नम: शिवाय।

भगवान शिव के प्रभावशाली मंत्र:

ऊँ साधो जातये नम:।।

ऊँ वाम देवाय नम:।।

ऊँ अघोराय नम:।।

ऊँ तत्पुरूषाय नम:।।

डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्‍स नाउ नवभारत इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है।

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