Hanuman Jayanti 2022: हनुमान जयंती पर भूलकर भी ना करें ये गलती, पूजा के समय रखें इन बातों का ध्यान

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 15, 2022, 12:52 PM IST

Hanuman Jayanti 2022, Kya Na Kare: हनुमान जयंती हर साल चैत्र महीने की पूर्णिमा को बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस साल हनुमान जयंती 16 अप्रैल को मनाई जाएगी। हनुमान जी की पूजा करते समय कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। एक छोटी-सी चूक आपको परेशानी में डाल सकती है।

Hanuman Jayanti 2022: हनुमान जयंती पर भूलकर भी ना करें ये गलती, पूजा के समय रखें इन बातों का ध्यान

Hanuman Jayanti 2022 Date, Puja Vidhi, Kya Na Kare: हर साल चैत्र महीने की पूर्णिमा तिथि को हनुमान जयंती का त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है। इस बार हनुमान जयंती 16 अप्रैल शनिवार के दिन मनाई जाएगी। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव ने पवन पुत्र हनुमान के रूप में जन्म लिया था। हनुमान जी भगवान शिव के 11वें अवतार हैं। इस पावन अवसर पर हनुमान जी की विधि विधान से पूजा अर्चना करने पर हर संकट, हर दुख दूर हो जाता है। संकटमोचन हनुमान जी दयालु हैं उनकी कृपा से हर बुरा वक्त कट जाता है और हर मनोकामना पूरी हो जाती है। हनुमान जी की कृपा जहां हो वहां खुशियां ही खुशियां होती है, जबकि उनकी पूजा में जरा सी चूक आपको संकट में डाल सकता है। आइए जानते हैं कि हनुमान जयंती पर ऐसी कौन सी गलतियों से बचना चाहिए।

चरणामृत का प्रयोग न करें

सबसे जरूरी बात वैसे तो ये अधिकतर लोगों को पता ही होगा कि हनुमान जी को कभी चरणामृत नहीं चढ़ता। ये बात हमेशा ध्यान रखें कि बजरंगबली की पूजा करते समय चरणामृत का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए। ऐसा करने पर इसका परिणाम अशुभ हो सकता है।

नमक का सेवन न करें

अगर आप हनुमान जयंती पर हनुमान जी का व्रत रखते हैं तो नमक का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही जिन खाने की वस्तुओं को आप दान कर रहें हैं उन चीजों का खुद सेवन नहीं करना चाहिए। व्रत में आप फल का सेवन करें, लेकिन नमक का सेवन भूलकर भी ना करें। इसके साथ ही हनुमान जी का जाप करें। केवल रात में ही नींद लें।

ब्रम्हचर्य का करें पालन

ये तो हम सभी जानते हैं कि हनुमान जी बाल ब्रह्मचारी थे। ऐसे में हनुमान जी की पूजा करते वक्त ब्रम्हचर्य का पालन करना चाहिए। किसी भी स्त्री के स्पर्श से बचें। यही कारण है कि पूजा के दौरान महिलाओं को उनकी प्रतिमा स्पर्श नहीं करनी चाहिए।

सूतक काल में न करें पूजा

बहुत कम लोग ये बात जानते हैं कि सूतक काल में हनुमान की पूजा नहीं करनी चाहिए। सूतक काल तब माना जाता है जब घर में किसी इंसान की मृत्यु हो जाती है। ये सूतक व्यक्ति की मौत से 13 दिन तक मान्य होता है।

इन रंगों के कपड़े न पहने

हनुमान जी की पूजा करते समय रंगों का विशेष महत्व होता है। अगर आप हनुमान जी की पूजा कर रहे हैं तो कभी भी काले या सफेद रंग के कपड़े ना पहने। काले व सफेद रंग के कपड़े पहन कर पूजा करना अशुभ माना जाता है। बजरंगबली की पूजा करते समय केवल नारंगी, लाल, पीले रंग के वस्त्र ही धारण करने चाहिए। ये रंग हनुमान जी को अति प्रिय हैं।

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