Hanuman Jayanti 2022 Puja Vidhi, Muhurat: इस तरह करें भगवान हनुमान की पूजा, जानें संपूर्ण पूजा विधि व मुहूर्त

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 16, 2022, 06:23 AM IST

Hanuman Jayanti 2022 Puja Vidhi, Shubh Muhurat, Time, Mantra, Aarti in Hindi: इस वर्ष 16 अप्रैल यानी आज हनुमान जयंती मनाई जा रही है। इस दिन भगवान श्री राम के परम भक्त हनुमान जी का जन्म हुआ था। यहां जानें इस दिन हनुमान जी की पूजा करने के लिए विधि और मुहूर्त।

Hanuman Jayanti 2022 Puja Vidhi, Muhurat: इस तरह करें भगवान हनुमान की पूजा, जानें संपूर्ण पूजा विधि व मुहूर्त

Hanuman Jayanti 2022 Puja Vidhi, Shubh Muhurat, Mantra, Aarti: आज हनुमान जयंती का पावन पर्व है। चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर भगवान श्री राम के परम भक्त हनुमान जी का जन्म हुआ था। पूरे भारत में हनुमान जयंती को धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन हनुमान जी के साथ भगवान राम की भी पूजा विधि अनुसार की जाती है। ऐसा कहा जाता है कि हनुमान जयंती पर जो भगवान राम की पूजा करता है उसके ऊपर हनुमान जी का आशीर्वाद ताउम्र रहता है। माना जाता है कि इस दिन भगवान राम की पूजा करने से भगवान हनुमान भी प्रसन्न रहते हैं। हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार, भगवान हनुमान की पूजा हमेशा विधि अनुसार करनी चाहिए और पूजा की समाप्ति हमेशा आरती के साथ ही होने चाहिए। यहां जानें भगवान हनुमान की पूजा विधि।

हनुमान जयंती की तिथि और पूजा मुहूर्त (Hanuman Jayanti 2022 Date And Puja Muhurat)

हनुमान जयंती की तिथि: 16 अप्रैल 2022, शनिवार 

पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 16 अप्रैल 2022 तड़के 02:25

पूर्णिमा तिथि समापन: 17 अप्रैल 2022 तड़के 12:24

हनुमान जी की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त: सुबह 5:55 से सुबह 08:40 तक (इस दौरान रवि योग रहेगा)

भगवान हनुमान की पूजा विधि (Hanuman Jayanti 2022 Puja Vidhi)

हनुमान जयंती के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर और निवृत्त होकर स्नान जरूर करें। फिर हाथ में गंगाजल लेकर हनुमान जी का ध्यान करें और व्रत करने का संकल्प लें। इसके बाद पूर्व दिशा में भगवान जी की प्रतिमा स्थापित करने के लिए चौकी पर लाल कपड़ा बिछा दें और मूर्ति स्थापित करें। इसके बाद उन्हें फूल से जल अर्पित करें और पीली रोली या चंदन लगाएं। इसके साथ अक्षत चढ़ाते हुए उन्हें उनका प्रिय भोग लगाएं और जल अर्पित करें। अंत में दीपक जलाकर भगवान हनुमान जी की पूजा करें। इस दौरान हनुमान जी के मंत्र, सुंदरकांड और चालीसा का पाठ करें और आरती अवश्य करें। 

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