Ganesh Ji Ki Aarti: गणेश चतुर्थी 2022 पर पढ़ें 'जय गणेश जय गणेश देवा माता जाकी पार्वती पिता महादेवा' आरती, देखें लिरिक्स

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 31, 2022, 07:25 PM IST

Ganesh Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi (जय गणेश जय गणेश देवा माता जाकी पार्वती पिता महादेवा आरती): हिंदू धर्म में हर कार्य को करने से पहले भगवान श्री गणेश की पूजा करना अनिवार्य है। यदि आप भी इस बार गणेश चतुर्थी पर बप्पा को घर लाने वाले हैं, तो पूजा करने के बाद उनकी यह स्पेशल आरती जरूर पढ़ें। देखें जय गणेश देवा के लिरिक्स हिंदी में।

Ganesh Ji Ki Aarti: गणेश चतुर्थी 2022 पर पढ़ें 'जय गणेश जय गणेश देवा माता जाकी पार्वती पिता महादेवा' आरती, देखें लिरिक्स

Ganesh Ki Aarti Lyrics In Hindi, Jai Ganesh Jai Ganesh Deva Mata Teri Parvati Pita Mahadeva Aarti: धार्मिक मान्यताओं इस दौरान सुबह-शाम आरती करने से बप्पा बेहद प्रसन्न होते हैं। हिंदू शास्त्र के अनुसार गणेश चतुर्थी के दिन है भगवान श्री गणेश (Ganesh ji ki aarti lyrics) का जन्म हुआ था। यदि आप ही इस बार गणेश चतुर्थी पर बप्पा को घर लाने की सोच रहे हैं, तो उस दिन उनकी पूजा करने के बाद इस आरती (Ganesh ji ki aarti mantra) को जरूर पढ़ें। यह आरती भगवान गणेश को बहुत प्रिय है। इस आरती को पढ़ने के बाद बप्पा अपने भक्तों के सभी मुरादें अवश्य पूर्ण करते हैं।

Ganesh Ji Ki Aarti Lyrics In Hindi: Jai Ganesh Jai Ganesh Deva 

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।।

एकदंत, दयावन्त, चार भुजाधारी,

माथे सिन्दूर सोहे, मूस की सवारी। 

पान चढ़े,फूल चढ़े और चढ़े मेवा,

लड्डुअन का भोग लगे,सन्त करें सेवा, 

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश, देवा।

माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।।


अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया,

बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया, 

'सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा, 

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा, 

माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।। 


दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी। 

कामना को पूर्ण करो जय बलिहारी।

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा, 

माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।। 


बता दें कि हिंदू धर्म में हर पूजा से पहले भगवान श्री गणेश की पूजा की जाती है। ऐसा कहा जाता है, कि भगवान श्री गणेश के प्रसन्न होने पर ही कोई भी कार्य सही तरीके से पूरा हो पाता है। बता दें भगवान श्री गणेश को प्रथम पूजनीय देवता का स्थान दिया गया है।

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