Jagannath Puri Temple: अब पुरी में "भगवान जगन्नाथ" के दर्शनों के लिए कोविड निगेटिव रिपोर्ट की जरूरत नहीं

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 21, 2021, 12:00 AM IST

भगवान जगन्नाथ में लोगों की आस्था है और वो अपने आराध्य प्रभु के दर्शनों के लिए ओडिशा के पुरी स्थित जगन्नाथ पुरी धाम जाते हैं, वहां अब 21 जनवरी से कोविड-19 की निगेटिव (जांच) रिपोर्ट की बाध्यता खत्म कर दी गई है।

Jagannath Puri Temple: अब पुरी में "भगवान जगन्नाथ" के दर्शनों के लिए कोविड निगेटिव रिपोर्ट की जरूरत नहीं

पुरी (ओडिशा): पुरी में भगवान जगन्नाथ के मंदिर (Jagannath Puri Temple) के अंदर करीब 10 महीने बाद 21 जनवरी (बृहस्पतिवार) से श्रद्धालु फिर से प्रवेश कर सकेंगे और उन्हें कोविड-19 की निगेटिव (जांच) (Covid-19 Test Report) रिपोर्ट दिखाने की जरूरत नहीं होगी। पुरी जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस के साथ बैठक के बाद श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) के मुख्य प्रशासक कृष्ण कुमार ने बताया कि 12वीं सदी के इस मंदिर में प्रवेश के लिए कोविड-19 की निगेटिव रिपोर्ट पेश करने का प्रावधान खत्म करने का फैसला किया गया है।

उन्होंने कहा, 'श्रद्धालु मंदिर में 21 जनवरी से सुबह सात बजे से प्रवेश कर सकते हैं। इस तरह, कोविड-19 रिपोर्ट पेश करने की अनिवार्यता हट गई है।' पुरी के जिलाधिकारी समर्थ वर्मा ने कहा कि बृहस्पतिवार से प्रति दिन कम से कम 30,000 श्रद्धालुओं के सुगमता से (भगवान जगन्नाथ के) दर्शन के लिए व्यवस्था की गई है।

यह मंदिर देश के चार धामों में शामिल है, जिनमें पूर्व में जगन्नाथ पुरी, पश्चिम में द्वारका, उत्तर में बद्रीनाथ और दक्षिण में रामेश्वरम शामिल हैं। तीन जनवरी से ये मंदिर खुला था तबसे यहां दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं को कोरोना वायरस से संक्रमित ना होने की पुष्टि करने वाली रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य था।

पिछले दस महीने से बंद मंदिर 3 जनवरी को खुला था

ओडिशा के पुरी में स्थित विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर इस साल की शुरूआत में 3 जनवरी से आम श्रद्धालुओं के लिए खुल गया था कोरोना  के चलते पिछले दस महीने से मंदिर बंद था, मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने दर्शनार्थियों की सुविधा और कोरोना से बचाव के लिए कई तरह के उपाय किये थे और उसका पालन करने पर ही दर्शन की सुविधा मिल रही थी। सरकारी गाइड लाइंस के अनुसार पुरी मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को पहले कोविड टेस्ट कराना जरूरी था कोविड रिपोर्ट निगेटिव आने और सर्टिफिकेट दिखाने पर ही मंदिर में प्रवेश मिल रहा था।

बाहर से आए श्रद्धालु भुवनेश्वर के अस्पताल में कोविड जांच करा कर निगेटिव सर्टिफिकेट प्राप्त कर रहे थे, निगेटिव रिपोर्ट के साथ ही आधार कार्ड भी दिखाना अनिवार्य था बगैर आधार कार्ड के दर्शन की अनुमति नहीं मिल रही थी। श्रद्धालुओं की सहायता के लिए बड़ी संख्या में स्वयंसेवक तैनात किये गये हैं, प्रवेश द्वार पर थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था है, हर जगह हाथ को सैनिटाइज करने के लिए ऑटोमेटिक मशीनें लगाई गयी हैं।

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